मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

पुरानी कहावत सुनते आ रहे हैं कि जो आदमी घर परिवार कुटुंब को पसंद होता है, वही ईश्वर को भी पसंद होता है। और ईश्वर अपनी पसंद के आदमी को बहुत जल्द अपने पास बुला लेता है। बुरहानपुर के राजपुरा वार्ड में स्थित नगर के सबसे बड़े और पुराने सर्राफा व्यवसाई, जिन्हें नगर की जनता बड़े श्रॉफ के नाम से जानती और पहचानती है, के परिवार में अपने घर परिवार, कुटुंब और समाज का ख्याल रखने वाली एक ऐसी ही सामाजिक शख्सियत दानवीर मुकेश श्रॉफ (61) को भी ईश्वर ने गतदिवस अपने पास बुला लिया,जिसने बड़े श्रॉफ परिवार (राजपुरा) के कुटुंब घर परिवार और समाज को अपने कर्मों से एकता के सूत्र में बांधे रखा था। स्वर्गीय पिता नारायणदास श्रॉफ वकील साहब के सात बेटों सर्वश्री रमेश श्रॉफ, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक श्रॉफ, राजू श्रॉफ, समाजसेवी मंगल भाई श्रॉफ, उपेंद्र श्रॉफ, प्रदीप श्रॉफ और सबसे छोटा मुकेश श्रॉफ था, सात भाइयों में मुकेश न सिर्फ सब से छोटा था, बल्कि वह सभी का दुलारा भी रहा है।
यह भी ईश्वर की इच्छा थी कि सात भाइयों को एक भी बहन नसीब नहीं हुई।सब भाइयों में मुकेश सबसे छोटा था, लेकिन अपनी मोहब्बत, सलाहियत, काबिलियत और कुशलता के बल पर उसने संपूर्ण घर परिवार को अपने कब्जे में किया था और घर परिवार को एकता के सूत्र में बांधे रखा था। विगत 3 वर्ष से मुकेश किन्हीं गंभीर रोगों से ग्रसित होने से सुखी और संपन्न घर परिवार ने आखिरी सांस तक इलाज में कोई कसर नहीं की, लेकिन ईश्वर के फैसले के आगे सब को नतमस्तक होना पड़ता है। लंबी बीमारी के बाद मुकेश (61) ने अपने भरे पूरे परिवार को अलविदा कह कर शनिवार शाम अंतिम सांस ली और ईश्वर के चरणों में अपने आप को समर्पित कर दिया। रविवार को पैतृक निवास राजपुरा मुख्य मार्ग से अंतिम यात्रा प्रारंभ हुई।
जिस में घर परिवार कुटुब रिश्तेदार समाज और शहर के हर वर्ग के गणमान्य नागरिकगण में, परिवारिक मित्र समाजसेवी उपेंद्र सिंह कीर उर्फ़ टोनी भैया, बुरहानपुर के पूर्व विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह उर्फ़ शेरा भैया, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश महासचिव अजय सिंह रघुवंशी, वरिष्ठ अधिवक्ता हेमेंद्र गोविंदजी वाला, वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष देवताले, डॉक्टर राजेश वि म बजाज, अधिवक्ता राजकुमार शशिकांत मेहता, नगर के प्रसिद्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राकेश लाड, समाज सेवी राजेश भगत, अजय बालापुरकर, मीडिया जगत से सर्वश्री रंजीत परदेसी,बनवारी मेटकर, विजय निंभोरे, इक़बाल अंसारी सहित नगर की अनेक सियासी समाजी और धार्मिक शख्सियात और मुस्लिम समाज के लोगों ने शिरकत की। सत्यारा घाट स्थित हरीश चंद्र राजे श्मशान घाट में हिंदू धार्मिक रीति रिवाज, परंपरा और मंत्रोच्चार के साथ मुखाग्नि दी गई।
स्वर्गीय मुकेश श्रॉफ के परिवार में उनकी धर्मपत्नी और दो शादीशुदा बेटियां हैं। साथ ही छ:भाइयों का भरा पूरा परिवार भी आपके पीछे शोक में डुबा है। समाचार पत्र परिवार बड़े श्रॉफ परिवार (राजपुरा) के गम में बराबर का शरीक और सहभागी है। परिवार के सबसे छोटे भाई मुकेश श्रॉफ को न केवल दुलार प्यार दिया बल्कि छोटे को सदैव ही बड़े का दर्जा और सम्मान दिया। लेकिन ईश्वर ने उसकी क़िस्मत में इतनी ही सांसें और जिंदगी लिखी थी। प्रार्थना है कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में उच्च से उच्च स्थान प्रदान करें और घर परिवार कुटुंब को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
