नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

उद्धव ठाकरे सरकार की आर्थिक नाकाबंदी कर एकनाथ शिंदे के सहारे सत्ता में लौटी बीजेपी के आठ साल के कार्यकाल में महाराष्ट्र पर 10 लाख करोड़ रुपए का क़र्ज़ हो चुका है। सरकार से बकाया एक लाख करोड़ रुपया पाने के लिए पंजीकृत ठेकेदार बीते तीन साल से गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे है। जलगांव मे ठेकेदार संगठन ने जिलाधीश आयुष प्रसाद को ज्ञापन सौंपा। भरी बारिश में प्रसाद के केबिन का तापमान कश्मीर की सर्द फिजाओं को मात दे रहा था। ब्यूरोक्रेसी की इस आलीशान सुविधा का भार गरीब जनता की जेब से निकाला जाता है।

राज्य विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है वित्त मंत्री अजीत पवार साफ शब्दों में कह चुके हैं कि राज्य की आर्थिक स्थिति बेहद गंभीर है। क्या अब ठेकेदार सड़क पर उतरेंगे? विकास के नाम उठाया गया कर्ज़ का 10 लाख करोड़ रुपया कहां गया ? देवेन्द्र फडणवीस सरकार अपने मैनिफेस्टो में जनता से किए वादों से मुकर रही है। किसानों के हितों के रक्षा की राजनीत कर गरीब से प्रचंड अमीर बने नेता पूंजीवादियों के गुलाम बने बैठे हैं। पूंजीवाद से फ़ैसिसम और मजदूरवाद से कम्युनिज्म आता है जो किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए हानिकारक है। कांग्रेस ने भारत को मिश्र अर्थ व्यवस्था दी थी जिसे बीजेपी ने पूंजीवादी व्यवस्था में बदल दिया है।

