किराए पर दे कर शुरू हो सकती है गोंडखेल चीनी मिल : किसानों को शरद पवार से उम्मीद | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

किराए पर दे कर शुरू हो सकती है गोंडखेल चीनी मिल : किसानों को शरद पवार से उम्मीद | New India Times

बीजेपी के राज में बीते 11 सालों से औद्योगिक विकास का बांझपन झेल रहे जलगांव जिले में मंत्रियों के निर्वाचन क्षेत्रों के कारखाने नीलाम होने के लिए मंडी में खड़े हैं। जामनेर के गोंडखेल चीनी मिल के बिक्री के लिए परसो 31 मई को मीटिंग होनी है। मिल को बेचना सरकारी नीति के विरोध में है। जिस उद्देश्य के लिए किसानों से उनकी जमीनें ली गई है वो सफ़ल नहीं हुआ। मिल के लिए खेती गंवा चुके किसान अपनी जमीन वापिस लौटाने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान बाजार मूल्य चुकाने के लिए किसान तैयार है। मिल के लिए आबंटित जमीन को किसी दूसरे उद्देश्य के लिए उपयोग में लाना है तो संचालक मंडल को प्रस्ताव लाकर सर्व सहमति से संस्था के संविधान में संशोधन कराना पड़ेगा।

किराए पर दे कर शुरू हो सकती है गोंडखेल चीनी मिल : किसानों को शरद पवार से उम्मीद | New India Times

सहकार मंत्रालय और मिल प्रबंधन के लिए मिल से जुड़े हजारों किसानों का हित सर्वोपरी होना चाहिए। GST की मेहरबानी से बढ़ती महंगाई की चोट के कारण दवाई – भलाई की परावलंबी राजनीति से धीरे धीरे बाहर निकल रहे जामनेर तालुके के किसान चाहते हैं कि इस चीनी मिल को स्वयं शरद पवार संरक्षण दें। चीनी मिल का संचालक मंडल मिल के शेयर धारक किसानों की रजामंदी से मिल को किसी तीसरे पक्ष को किराए पर दे सकता है। ज्ञात हो कि मंत्री पद की अपनी पहली टर्म में गिरीश महाजन भुसावल ब्लॉक में चीनी मिल शुरू कराने के पक्ष में थे। मिल के लिए चयनित जमीन के कानूनी तौर पर विवादित होने के चलते तब मंत्री जी ने हाथ पीछे खींच लिए। गोंडखेल चीनी मिल के मसले पर महाजन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.