जब गांव सो रहा था तो विदिशा पुलिस की टीम जाग रही थी महज़ इस लिए कि एक माँ की गोद फिर से भर जाए | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, विदिशा /भोपाल (मप्र), NIT:

वह रात हमेशा याद रखी जाएगी जब एक माँ की ममता कराह रही थी। पिता की आंखें मासूम को ढूंढ रही थीं और अंधेरे में एक दो साल की बच्ची गुम हो गई थी। लेकिन विदिशा पुलिस ने जिस तरह संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए बच्ची को सुरक्षित खोज निकाला वह केवल एक तलाश नहीं थी, बल्कि इंसानियत की मिसाल थी।

जब गांव सो रहा था तो विदिशा पुलिस की टीम जाग रही थी महज़ इस लिए कि एक माँ की गोद फिर से भर जाए | New India Times


मिली जानकारी के अनुसार
दिनांक 19.05.2025 को रात्रि करीब 02:20 बजे डायल 100 एवं चाइल्ड लाइन भोपाल के माध्यम से निरीक्षक योगेन्द्र सिंह परमार को सूचना प्राप्त हुई किरात करीब 11 बजे, जब परिवार के सभी लोग सो चुके थे, तब फरियादी की बड़ी बेटी की नींद खुली तो उसने देखा कि उसकी 2 वर्षीय बहन पास में नहीं है। घबराकर उसने तुरंत माता-पिता को जगाया। आसपास ढूंढने पर भी बच्ची नहीं मिली। सूचना प्राप्त होते ही थाना प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र सिंह परमार पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। फरियादी से चर्चा कर बालिका के गुम होने की देहाती नालसी ली गई और घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक महोदय को दी गई।

पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी द्वारा त्वरित निर्देश जारी करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभिन्न थानों की टीमों को मौके पर पहुँचने के लिए निर्देशित किया गया।

जब गांव सो रहा था तो विदिशा पुलिस की टीम जाग रही थी महज़ इस लिए कि एक माँ की गोद फिर से भर जाए | New India Times

रात 2:00 बजे पुलिस को सूचना दी गई और 3:00 बजे ही थाना प्रभारी बासौदा शहर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। स्वयं पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी जी मौके पर पहुंचे, गांव वासियों से संवाद किया और दिशा-निर्देश दिए। इस अभियान में 2 डीएसपी, 7 थाना प्रभारी, और 50 से अधिक पुलिसकर्मी रात भर घरों, खेतों, पगडंडियों और सड़कों पर ढूंढते रहे।।

मासूम बच्ची सुबह लगभग 6:00 बजे सड़क किनारे सोती हुई मिली। पुलिस ने तुरंत परिजनों से उसकी पहचान कराई। थाना बासौदा में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। सौभाग्यवश बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है।

जब गांव सो रहा था तो विदिशा पुलिस की टीम जाग रही थी महज़ इस लिए कि एक माँ की गोद फिर से भर जाए | New India Times

इस पूरी रात में, जब गांव सो रहा था, विदिशा पुलिस की टीम जाग रही थी – एक माँ की गोद फिर से भर जाए, इस संकल्प के साथ। यदि यह कार्रवाई समय पर न होती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

इस दौरान निम्न अधिकारी/कर्मचारी मौके पर उपस्थित रहे।
👉श्री मनोज मिश्रा, SDO(P), गंजबासौदा
👉उप पुलिस अधीक्षक महिला सेल, श्रीमती ज्योति शर्मा
👉थाना प्रभारी गंजबासौदा शहर – निरीक्षक योगेंद्र सिंह परमार
👉थाना प्रभारी देहात बासौदा, निरी. आशुतोष सिंह
👉थाना प्रभारी गुलाबगंज, निरीक्षक मोहर सिंह
👉थाना प्रभारी त्योंदा, निरी. बी.एस. गौर
👉थाना प्रभारी पठारी, उनि. गौरव बाजपेयी
👉थाना प्रभारी पथरिया, उनि. रितुराज सिंह
👉थाना प्रभारी हैदरगढ़, उनि. पूजा रावत
👉थाना प्रभारी सिविल लाइन, निरीक्षक विमलेश राय
👉सूबेदार आशीष राय समेत सहयोगी स्टाफ भी उपस्थित रहा।

पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि “पूरी टीम ने बहुत ही शानदार कार्य किया है। रात्रि में आप सभी ने 2 वर्षीय बालिका को केवल 3-4 घंटे के अंतराल में दस्तयाब किया। यदि समय पर टीम द्वारा प्रयास नहीं किया गया होता, तो बड़ी दुर्घटना घट सकती थी।

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