मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

मैहर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभागार में कलेक्टर श्रीमती रानी बाटड़ ने भारत विकास परिषद एवं सह सहायता समूह के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि मैहर मां शारदा की धार्मिक नगरी है, यहां कई ऐसे स्थान है जहां बाल श्रम किया एवं जबरजस्ती करवाया जा रहा है। मंदिर परिसर में नाबालिग़ बच्चों को पैसे कमाने की इच्छा में फूल माला, तस्वीरें एवं अन्य सामग्री सड़क किनारे बिक्री कर रहे है। ये बच्चे अपनी जान जोखिम में डाल कर पहाड़ी के रास्ते चोरी छुपे मंदिर तक पहुंचते हैं। ऐसे बालक बालिकाओं को चिन्हित कर समझाइश दें ताकि ऐसे बच्चों को कुमार्ग से हटा कर शिक्षा हेतु विद्यालय भेजा जा सके। कलेक्टर ने कहा कि मैहर में ऐसे कई संस्थान हैं जहां बच्चों को थोड़े से पैसों का लालच देकर जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं, ऐसे संस्थानों की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दें ताकि ऐसे बच्चे शिक्षा से वंचित न रहने पाएं, उन्हें वापस शिक्षा के मार्ग पर भेजा जा सके। इसके अलावा कलेक्टर ने कहा कि सभी सहायता समूह एवं सामाजिक समूह मैहर के प्रमुख चौराहे, बस स्टैण्ड एवं रेलवे स्टेशन के आस पास पूछताछ केंद्र बना कर स्थानीय लोगों एवं दर्शनार्थियों को सही मार्ग एवं जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं।
इस मौके पर महिला बाल विकास अधिकारी राजेंद्र बांगरे सहित भारत विकास परिषद, पुनीत मैनी, अरुण तनय मिश्रा, जयंत जैन, संजय गुप्ता, संजय जधवानी, दीप्ति सिंह नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
