नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

आरक्षण को लेकर उच्च न्यायालय की ओर से लिखे गए एक गलत फैसले के बाद नस्लीय हिंसा में झोंक दिए गए मणिपुर और उत्तर पूर्वी राज्यों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेसब्री से इंतजार है। मोदी सरकार के हवा हवाई मंत्री मिस्टर इंडिया बनकर मणिपुर में प्रकट और गायब होते रहे हैं। इसी कड़ी में मणिपुर के पड़ोसी राज्य नागालैंड के नोकलांग पहुंची केंद्रिय मंत्री रक्षा खडसे ने Operational Block Program की समीक्षा की। खेल स्टेडियम का रखरखाव जांचा , आरोग्य आहार शिक्षा कृषि सामाजिक विकास समेत कई सेवाओं का पैमाना परखा।

55 हजार आबादी वाले नोकलांग में नागा जनजाति प्रमुख है। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी अरिकुंबा ने मंत्री जी से संवाद किया। दूसरे दिन हरित क्षेत्र खोनोमा पधारी खडसे ने वहां से जुड़े इतिहास को अनाधिकारिक प्रेस में साझा किया। बताया कि 1830-1880 के बीच अंग्रेजों के विरोध में की गई लड़ाई में गायबन हेनरी के नेतृत्व वाले फौजी दस्ते पर क्रांतिकारियों ने हमला किया। हमले में 27 गोरे मारे गए सरकार ने चार महीने तक इस गांव में कर्फ़्यू लगाया। सरकार और ग्रामीणों में संधी के बाद शांति बहाल की जा सकी। भारत की आज़ादी का इतिहास बताकर खडसे ने बीजेपी के उन लोगों को चुनौती पेश कर दी है जिनका मानना है कि भारत को 2014 में आज़ादी मिली थी।
मणिपुर क्यों नहीं जा रहे PM
भारत के संसदीय इतिहास में सबसे ज्यादा विदेश यात्रा करने वाले प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी के आसपास कोई नहीं ठहर सकेगा। 2024 – 25 में देश की जनता ने मोदी के विदेश दौरों पर अपनी जेब से 500 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। दो साल बीत गए मोदी मणिपुर नहीं गए उनके मणिपुर नहीं जाने का सवाल व्हाइट हाउस में पूछा जाना चाहिए था शायद जवाब मिल जाता। अडानी को बचाने के लिए मोदी जी मेरा मित्र मेरा परिवार पर काम कर रहे हैं।

