साबिर खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

मिली जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी को मानेसर की मेयर सीट गंवा देने का बड़ा अफसोस है। बीजेपी नेतृत्व अब हार के कारणों पर विचार विमर्श करने में जुटा है। निर्दलीय महिला प्रत्याशी डॉ इंद्रजीत यादव को मानेसर की पहली मेयर बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। वहीं भीम सेना शाखा कांकरोला के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी प्रत्याशी सुन्दर लाल यादव के चुनाव हारने की वजह बताकर बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि गांव कांकरोला की अम्बेडकर कॉलोनी में संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने और आरोपियों पर कोई बड़ी कार्रवाई ना होने से नाराज दलितों ने मेयर चुनाव से बीजेपी का बहिष्कार किया। यही कारण है कि आज मानेसर की पहली मेयर का ताज निर्दलीय प्रत्याशी डॉ इंद्रजीत यादव के सिर पर सजाया जा रहा है। कांकरोला के दलित समाज के लोगों का कहना है कि सोची समझी साजिश के तहत यहां बीजेपी एससी सेल के कथित महामंत्री हीरा लाल नंबरदार को दलित महापंचायत में भेजकर भीम सेना के प्रमुख नवाब सतपाल तंवर के साथ बदसलूकी कराई गई। जिसमें भीतरी तौर पर बीजेपी समर्थित बहुजन समाज पार्टी के भी कुछ पदाधिकारी, पूर्व पदाधिकारी और समर्थक भी शामिल थे। मिली जानकारी के मुताबिक इसी वजह से दलित समाज के लोगों ने सुन्दर लाल यादव का मेयर चुनाव से बहिष्कार कर दिया था।

बताया जा रहा है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गांव कांकरोला में चुनावी सभा की, इस दौरान उन्होंने बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमा के तोड़े जाने और उनका अपमान किए जाने पर निंदा का एक शब्द भी नहीं बोला। वहीं जब दलित समाज के लोग मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया। सतपाल तंवर के लेटर हेड पर कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन के माध्यम से उनका पत्र सीएम तक पहुंचाया था। जिससे दलित समाज के लोग बहुत नाराज हुआ। इसे लेकर भीम सेना चीफ सतपाल तंवर ने भी मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए थे। तंवर ने यह भी घोषणा कर दी थी कि भीम सेना शाखा कांकरोला के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री नायब सैनी को काले झंडे दिखाएंगे लेकिन प्रशासन की मान मनव्वल के बाद तंवर ने अपना यह फैसला वापिस ले लिया था। कहा जाता कि क्षेत्र में भीम सेना का काफी प्रभाव है जिसका खामियाजा बीजेपी को मानेसर मेयर चुनाव में भुगतना पड़ा है।

