नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

1 मार्च से जलगांव जिले के सभी पंजीकृत ठेकेदार महाराष्ट्र ठेकेदार एसोसिएशन के बैनर तले अघोषित समय तक काम बंद आंदोलन पर चले गए हैं। ठेकेदारों की कश्ती बेजा सरकारी लहरों में फंसी है वहीं खुद हुजूर ए ख़ास के दरबार ने सूबे की जनता को कर्ज़ के तालातुम में बर्बाद कर दिया है। दूसरी ओर विश्वगुरु भारत के मंत्री मुंबई में एक निजी शिपिंग कंपनी के व्यापारी जहाज़ को जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट पर समंदर की मौजों के हवाले करते 2047 पर भाषण दे रहे हैं। बीते दो दिनों में शेयर बाजार में मिडल क्लास का 8 लाख 86 हजार करोड़ रुपया डूब चुका है।

महाराष्ट्र में किसानों मज़दूरों के आंदोलनों की जगह अब ठेकेदारों की तकरीरों ने ले ली है। कैमरा प्रिय मंत्रीयो ने ठेकेदारों के आंदोलनों से किनारा कर लिया है। सरकार पर ठेकेदारों का एक लाख करोड़ रुपया बकाया है। नेताओं की ओर से बाबाओं की तरह नाराजों और अपने कृपापात्र कार्यकर्ताओ को नासिक सिंहस्थ कुंभ 2027 के आयोजन में भाग्योदय करवा देने की अग्रिम गारंटी दी जा रही है।
नासिक कुंभ के आयोजन तक मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस उनके साथी कुंभ और सिर्फ़ कुंभ पर बात करते नजर आएंगे। 2019-20 केंद्र से महाराष्ट्र को GST का 25 हजार करोड़ रुपया मिलना बकाया है। क्या फडणवीस सरकार का दिल्ली में इतना रुतबा बचा है जो केंद्र से महाराष्ट्र का हक हासिल कर सके?
