मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर के सभी धार्मिक शैक्षणिक संस्थाओं (मदरसों) के शैक्षणिक सत्र शबे बरात में समाप्त होते हैं और इस माह में वार्षिक कार्यक्रम आयोजित कर मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे और बच्चियों की हौसला अफ़ज़ाई की जाती है और उन्हें देश के प्रख्यात धार्मिक विद्वानों की उपस्थिति में सनद प्रदान की जाती है। उसके पश्चात छुट्टियां घोषित होती है। इसी क्रम में मदरसा हज़रत अली,ताज बाग कॉलोनी,अंसार नगर बुरहानपुर में हर साल की तरह इस साल भी सालाना जलसा (वार्षिकोत्सव) का आयोजन किया गया।
मौलाना शाकिर फ़ैज़ी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस जलसे के मुख्य अतिथि डाक्टर मौलाना नईम फ़ैज़ी ने अपने बयान में कहा: आज तालीम की ज़रूरत है। बच्चों को तालीम होना जरूरी है। हम अपने बच्चों की पढाई पर और ज़्यादा ध्यान दे और माता पिता भी अपने बच्चों के पढ़ाई के लिए उनकी हौसला अफ़ज़ाई करें। मौलाना शाकिर फ़ैज़ी ने बताया 21 बेटे बेटीयों ने नाज़िरा कुरान मुकम्मल किया। इस अवसर पर इन बेटे-बेटियों को इनामात से भी नवाज़ा गया। एक छात्र ने मदरसे से एक दिन भी छुट्टी नही ली इसलिए उस बच्चे को सबसे बड़ा गिफ्ट शील्ड के रुप में प्रदान किया गया। इस मौके पर मौलाना फाजिल इरशाद, मौलाना तौफीक साहब, हाफिज उस्मान साहब, हाफिज इब्राहिम साहब मौलाना शोएब साहब उपस्थित थे।

