नर्सिंग के छात्रों के साथ हो रहे अन्याय पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जताई कड़ी आपत्ति | New India TimesOplus_131072

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

नर्सिंग के छात्रों के साथ हो रहे अन्याय पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जताई कड़ी आपत्ति | New India Times

नर्सिंग कॉलेजों में व्याप्त अनियमितताओं के विरुद्ध छात्र छात्राओं का प्रदर्शन जारी है। आज नर्सिंग के सैकड़ों छात्र-छात्राएं सतपुड़ा भवन और पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के निवास पर पहुंचीं। इन छात्रों ने कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा आयोजित परीक्षा और प्रवेश काउंसिलिंग प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं पर अपनी नाराजगी जाहिर की। छात्रों का आरोप है कि परिणाम घोषित होने और प्रवेश देने के बाद हजारों योग्य छात्र-छात्राओं के प्रवेश रद्द किए जा रहे हैं।

दिग्विजय सिंह ने दिया समर्थन
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को लेकर विभाग के अधिकारियों से चर्चा करेंगे , उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स के साथ हो रहे अन्याय को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के प्रवेश रद्द करने पर उठे सवाल
सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के प्रवेश रद्द किए जाने पर भी NSUI ने कड़ी आपत्ति जताई है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दौरान उन्हें शामिल किया गया, परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिए गए और काउंसिलिंग प्रक्रिया में भी उन्हें प्रवेश दे दिया गया लेकिन अब छात्रों के प्रवेश नियमों को हवाला देकर प्रवेश रद्द किए जा रहे हैं।

NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा:
“यह न सिर्फ नर्सिंग, बल्कि सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के साथ भी अन्याय है। परीक्षा और काउंसिलिंग के दौरान नियमों में बदलाव छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। यह दर्शाता है कि नर्सिंग काउंसिल और चिकित्सा शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में गंभीर खामियां हैं। NSUI छात्रों के इस संघर्ष में पूरी ताकत से उनके साथ खड़ी है।”

NSUI की मांगें:

  1. सभी छात्रों को काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
  2. सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के प्रवेश रद्द करने का आदेश तत्काल निरस्त हो।
  3. नर्सिंग काउंसिल और चिकित्सा शिक्षा विभाग की अनियमितताओं की जांच की जाए।
  4. छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।

NSUI ने स्पष्ट किया कि यदि छात्रों की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा।

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