गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकर नगर (यूपी), NIT:

अंबेडकर नगर जिले की एक प्रतिष्ठित बैंक की शिकायत अयोध्या रीजनल ऑफिसर से की गई और रीजनल आफिसर ने शिकायतकर्ता की बात सुने बिना ही बैंक मैनेजर के द्वारा भेजी गई रिपोर्ट को भेज दिया गया। रिपोर्ट में रीजनल और बैंक मैनेजर दोनों फंसे क्योंकि बैंक मैनेजर द्वारा जो रिपोर्ट भेजी गई है की लोन फाइल पास न होने पर शिकायतकर्ता ने बैंक मैनेजर पर आरोप लगाया है, जितेन्द्र ने बताया वो कौन सी लोन फाइल है जो रीजनल ने बिना देखे रिपोर्ट लगा दी है।
अंबेडकर नगर जिले के टांडा केनरा बैंक प्रबंधक द्वारा फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करके लोन बन्द करने का दबाव बनाने की पूरी कोशिश की गई और शिकायती पत्र के आधार पर रीजनल को बैंक मैनेजर द्वारा झूठी रिपोर्ट भेजी गई। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायती पत्र में लिखा है कि जितेन्द्र कुमार केनरा बैंक शाखा टांडा शाखा टाण्डा का पुराना कस्टमर है।
जितेंद्र ने बताया है कि एक गाडी (KAI) का लोन केनरा बैंक शाखा से चल रहा है। जिसकी किस्त लगातार भर रहा हूँ गाडी का बीमा गाड़ी खरीदते समय तीन साल के लिया हुआ था जो बैंक में जमा है शाखा प्रबन्धक द्वारा बीमा का रिनवल कराने के लिए बार-बार फोन किया जा रहा था। कई बार शाखा प्रबन्धक अर्जुन शुक्ला ने फोन करके बीमा जमा करने के लिए बोला जब मैंने उनको बताया बीमा तीन साल का है तो मैनेजर साहब फोन पर ही लाल पीले होने लगे और गुस्से में अपना आपा खोते हुए जाति सूचक गाली देने लगे। उन्होंने कहा कि जब औकात नहीं थी तो लोन क्यों लिया अभी तेरे घर पर आकर वसूली करूंगा बहुत ही धमकी भरे लहज़े में बात किया। बात से ऐसा लगा कि जैसे केनर बैंक के मैनेजर नहीं किसी रियासत के राजा हो, जितेंद्र ने मैनेजर से कहा की इसकी शिकायत में आपके बड़े ऑफिसर से करूंगा फिर अर्जुन शुक्ला द्वारा बोला जाता है कि मेरा कोई कुछ नहीं उखाड़ पाएगा। मैनेजर की व्यवहार से कस्टमर ने आहत होकर कार्रवाई की मांग की है जी हां यह वही बैंक मैनेजर है जो अकबरपुर जिला मुख्यालय स्थित केनरा ब्रांच में कार्यरत थे, उस समय भी बैंक मैनेजर साहब चर्चा का विषय बने थे अपने ही बैंक महिला स्टाफ के चैटिंग के मामले में आगे तक शिकायत हुई थी जिस मामले को रफादा करने के लिए रिजिनल ने इनका ट्रांसफर टांडा ब्रांच कर दिया।

