जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

ताजुल मसाजिद परिसर में कचरे का अंबार लगा हुआ है। ताजुल मसाजिद कमेटी की बड़ी मनमानी सामने आई है। इज्तेमा मेले को समाप्त हुए 10 दिन से भी अधिक समय बीत चुका है, लेकिन परिसर की हालत आज भी बेहद खराब है। इन तस्वीरों में आप खुद देख सकते हैं कि परिसर किस हाल में है।

मस्जिद कमेटी ने दुकानों को किराए पर देकर खूब पैसा कमाया, लेकिन साफ-सफाई और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी से अपना पल्ला झाड़ लिया। यह बेहद शर्मनाक है कि पूरा परिसर बदहाली का शिकार है और अपने हालात पर आंसू बहा रहा है।

दिन भर शहर काजी समेत बड़े अधिकारी यहां से गुजरते हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं देता। कमेटी नगर निगम के हवाले सफाई छोड़ देती है, जबकि यह नगर निगम की नहीं बल्कि कमेटी की भी जिम्मेदारी है। कमेटी के पास अपने सफाई कर्मी भी होते हैं, लेकिन वे अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभा रहे हैं।
मस्जिद परिसर के पीछे वाले हिस्से में सीढ़ियों पर लोग थूकते नजर आते हैं और वहां कोई निगरानी नहीं है। नगर निगम के अधिकारियों को इस मामले में कड़ा एक्शन लेना चाहिए और भारी जुर्माना लगाना चाहिए।
मुख्य द्वार पर कपड़ों के गठ्ठे, बांस और बल्लियां पूरी तरह बिखरी हुई नजर आती हैं। यह तस्वीर राजधानी को शर्मसार कर रही है, लेकिन जिम्मेदार लोग खामोश हैं।

