फराज अंसारी, बहराइच (यूपी), NIT;
जिला अस्पताल बहराइच में जिले के दूर दराज इलाकों से मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिन्हें यहां सुविधाओं के अभाव के कारण काफी परेशानी उठानी पडती है, वहीं अस्पताल के सीएमएस व्यवस्थाएं सुधारने के बजाए पल्ला झाड रहे हैं।
जिला अस्पताल बहराइच में आने वाले मरीजों की दुश्वारियां कम होने का नाम नही ले रही हैं। हालात यह है कि कोल्ड स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों को अस्पताल प्रशासन समय पर कम्बल चद्दर तक मुहैय्या नहीं करा पा रहा है, ऐसे में ठंड के कहर से मरीजों को निजात पाना नामुमकिन दिखाई दे रहा है। ऐसे मरीजों के इलाज की व्यवस्था राम भरोसे ही जिला अस्पताल में चल रही है। जिम्मेदारों की घोर लापरवाही के कारण योगी सरकार के बेहतर इलाज के दावे तार-तार होते दिखाई दे रहे हैं।
जिला अस्पताल की बदइंतिजामी की पोल खोलने के लिये चन्द तस्वीरें ही काफी हैं। इन तस्वीरों को देख कर आप स्वयं जान जायेंगे की इन पाखण्डी अधिकारियों के मरीजों के बेहतर इलाज व व्यवस्था के बड़े बड़े दावों की जमीनी हकीकत क्या है। शिकायत करने पर अस्पताल प्रशाशन के जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियी पर तुरन्त कार्यवाही करने का आश्वाशन देते हैं लेकिन आपसी मिली भगत के कारण आज तक कोई कार्यवाही नही की गयी है। इनसे पहले पूर्व सीएमएस डॉक्टर डी के सिंह ने मरीजो को चद्दर और कम्बल ने देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को बर्खास्त कर जिला अस्पताल कर्मियों को कड़ा सन्देश दिया था, उनके अनुसार ठंड जनित बीमारियों से पीड़ित मरीजों में लापरवाही बर्दाश्त नही है, बावजूद इसके वर्तमान सीएमएस की लापरवाही के कारण व्यव्यथा सुधार के दावे तार-तार हो रहे हैं।
इस सम्बन्ध में मरीजों को ठंड के मौसम में चद्दर व कम्बल न मिलने की शिकायत जब मुख्य चिकित्सा अधिक्षक डॉक्टर पी के टण्डन से की गयी तो वह भड़क गए और कहा कि कोई भी व्यवस्था 100 प्रतिशत पूरी नही होती, आप मुझ पर कीचड़ उछालने का काम कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने ये स्वीकारा की कि अस्पताल में काफी कमियां हैं जिनपर अंकुश नही लग पा रहा है। अब जिले के जिम्मेदार अधिकारी बतायें कि यदि लापरवाही से किसी मरीज की ठंड जनित बीमारियों से मौत होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा???
