नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

RSS के अनुरोध पर देवेन्द्र फडणवीस तिसरी बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनाए गए। फडणवीस के नेतृत्व वाली युति सरकार कितने साल तक चलेगी पता नहीं। बीजेपी कहने लगी है कि अब महाराष्ट्र रुकेगा नहीं मतलब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र रुका हुआ था। चाकण में हर रोज़ घंटों तक महाराष्ट्र रुक जाता है। NH 753, NH 222, SH 50 NH 27 इन नंबर्स में उलझे औरंगाबाद से पुणे राजमार्ग बीच में शिकरापुर से पिंपरी चिंचवड़ तक जाने वाले मार्ग पर चाकण MIDC में महाराष्ट्र हर रोज ट्रैफिक जाम में बुरी तरह से फंस जाता है। पुणे ग्रामीण में बहुजन विचारधारा के प्रेरक कई श्रद्धा स्थल एवं ऐतिहासिक स्मारक है।

1980 के दशक में विकसित की गई MIDC, निजी कंपनियों के कारण लाखों लोग रोजगार के लिए पुणे औरंगाबाद बेल्ट में बसते हैं। उत्तर महाराष्ट्र और पश्चिमी विदर्भ से सरकारों में मंत्री बने नेता अपने क्षेत्रों का औद्योगिक विकास करने में बांझ साबित हो चुके हैं। NH 753 की वाहन धोने की क्षमता समाप्त हो चुकी है, पुणे के विकल्प में चाकण आलंदी पिंपरी बाय पास चुनने वाले यात्रियों को चाकण में घंटों जैम में बिताने पड़ते हैं।
इस सड़क को फोरलेन करने के साथ-साथ औरंगाबाद पुणे राजमार्ग के दोनों टू लेन में अतिरिक्त एक मार्गिका का निर्माण करना आवश्यक हो गया है। एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री रहते एक लाख करोड़ रुपए के टेंडर को हरी झंडी दी है जिसमें उक्त राजमार्ग की मंजूरी खोजी जानी चाहिए। वाहन धारक दो रुपए प्रति किलो मीटर टोल चुकाने के लिए और एकनाथ शिंदे अपना पुण्य कर्म छिपाने के लिए समृद्धि महामार्ग के निर्माता देवेन्द्र फडणवीस को धन्यवाद देते नहीं रुकते। औरंगाबाद अहिल्या नगर पुणे समेत चाकण सब वे का नूतनीकरण सरकार के अधीन करने की मांग जनता कर रही है।

