संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

गुरुकुल ड्रीम फाउंडेशन द्वारा ग्वालियर किले में हेरिटेज यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें संस्था के युवा सदस्यों को ऐतिहासिक धरोहरों को नज़दीक से जानने का मौका मिला। इस हेरिटेज यात्रा का मार्गदर्शन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टूरिज्म एंड ट्रेवल मैनेजमेंट (IITTM) के सहायक प्रोफेसर, डॉ. चंद्रशेखर बरुआ ने किया, जिन्होंने ग्वालियर किले की अद्भुत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के बारे में गहराई से जानकारी प्रदान की। डॉ. चंद्रशेखर बरुआ ने किले के विभिन्न भागों जैसे मान सिंह महल, गुजरी महल, तेली का मंदिर, और सास-बहू मंदिर के इतिहास और वास्तुकला पर प्रकाश डाला।

उन्होंने किले के महत्व, उसकी स्थापत्य कला, और इसमें हुई महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में रोचक तथ्य साझा किए, जिससे प्रतिभागियों को ग्वालियर के गौरवशाली अतीत को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम संयोजक हिमेश शर्मा एवं खुशबू अग्रवाल ने हेरिटेज यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा कि इस प्रकार की विरासत यात्राएं युवाओं और नागरिकों में अपनी सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति जागरूकता और संरक्षण की भावना को प्रोत्साहित करती हैं। इस यात्रा में ग्वालियर के स्थानीय लोगों के साथ-साथ कई पर्यटकों ने भी हिस्सा लिया और सभी ने आयोजन की सराहना की। आभार आकाश बरूआ ने किया इस अवसर पर राजा रमन राठौड़, रितेश दुबे,साहिल गुप्ता,अनीश जैन, यश कुशवाह, कविता गोले, शालिनी म़डेलिया,नेहा प्रजापति, देव्यानी तोमर ,इशिका सिरोथिया आदि सदस्य मौजूद रहे।

