मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

दारूस्सुरूर एजुकेशन सोसाइटी ने बुरहानपुर कलेक्टर और ज़िला शिक्षा अधिकारी बुरहानपुर से ज़िले की शासकीय उर्दू शालाओं में उर्दू माध्यम की पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। सोसाइटी के चेयरमैन तनवीर रज़ा बरकाती ने ज्ञापन देते हुए कहा कि: मध्यप्रदेश में सबसे अधिक उर्दू शालाओं व विद्यार्थियों की संख्या बुरहानपुर ज़िले में है। मध्य प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रतिवर्ष शासकीय शालाओं में प्रत्येक माध्यम की छात्र-छात्राओं को संबंधित माध्यम की पुस्तक समय पर उपलब्ध कराई जाती हैं परंतु कुछ वर्षों से ज़िले की उर्दू माध्यम की स्कूलों में छात्र छात्राओं को पुस्तके उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि ज़िले की हायर सेकेंडरी स्कूल में गत वर्ष शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के 6 माह पश्चात अर्थात माह जनवरी में ज़िले के शिक्षा विभाग बुरहानपुर द्वारा हमारी संस्था के प्रयास करने पर ज़िला शिक्षा अधिकारी को इस परेशानी से अवगत कराया गया था इसके पश्चात ज़िले की उर्दू शालाओं में उर्दू माध्यम के प्रत्येक वर्ष विषय की पुस्तक पुस्तकों की छाया प्रति करवा कर प्रदान की गई थी, परंतु उपलब्ध कराई गई छाया प्रति के फाउंड (अक्षर) बहुत ही छोटे होने से अक्षर समझ ही नहीं आ रहे थे, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ने में एवं शिक्षकों को पढ़ाने में बहुत ही व्यवहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।
इस प्रकार वर्तमान चालू सत्र में भी आज दिनांक तक उर्दू स्कूलों में संबंधित उर्दू माध्यम की पुस्तक नहीं उपलब्ध कराई गई है। संस्था पदाधिकारियों ने तत्काल रूप से उर्दू माध्यम के संबंध संबंधित विषयों की पुस्तक शासकीय शालाओं में उपलब्ध कराकर विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहयोग प्रदान करने की अपील की है।
इस सम्बंध में टीआर बरकाती ने मज़ीद कहा कि अगर जल्द ही पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई तो हमारी सोसाइटी विशाल प्रदर्शन करने पर मजबूर होगी अथवा यह सरकार और विभाग की नाऐहली (विकलांगता) करार दी जाएगी। एक तरफ सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा देती है दूसरी तरफ एक वर्ग और समाज के बच्चों को शिक्षा प्रदान कराने में नाकाम नज़र आती है। इस मौके पर एडवोकेट मोहसिन शेख, युवा नेता नौशाद अली अंसारी, नईम उल्लाह, मोहम्मद वसीम, इमरान अंसारी, फैज़ान अंसारी आदि मौजूद थे।

