नगर पंचायत में भ्रष्टाचार को लेकर सभासद लामबंद, प्रतिनिधि के निजी व्यवहार से नाखुश हैं सभासद, बोर्ड की बैठक में मांग रहे हैं लेखा-जोखा | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

नगर पंचायत में भ्रष्टाचार को लेकर सभासद लामबंद, प्रतिनिधि के निजी व्यवहार से नाखुश हैं सभासद, बोर्ड की बैठक में मांग रहे हैं लेखा-जोखा | New India Times

आदर्श नगर पंचायत मैलानी बोर्ड की बैठक गुरुवार को स्थगित करनी पड़ी। नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रति 8 सभासद लामबंद होकर मनमाना कार्य किए जाने का आरोप लगाने लगे हैं। साथ ही मीटिंग का बहिष्कार कर सभागार के बाहर चले गए। सभी सभासद लेखा-जोखा के साथ बैठक करने की मांग कर रहे थे। कार्यों का लेखा जोखा न देने पर सभी सभासदों ने बैठक छोड़कर बैठक का बहिष्कार किया। इस दौरान सभासदों के साथ अध्यक्ष पति की नोंकझोक भी हुई।

सभासदगणों का कहना है कि बिना कोई प्रस्ताव करवाये बोर्ड बैठक पंजिका पर अग्रिम हस्ताक्षर बनाये जाने का दवाब चेयरपर्सन के द्वारा बनाया गया। नगर पंचायत प्रतिनिधि द्वारा नगर में कराए गए कार्य में कोई पारदर्शिता नहीं लाई जा रही है। सभासद गणों के द्वारा डेढ़ वर्ष के आय-व्यय मांगने पर नहीं दिखाया जा रहा है साथ ही कार्यवाही रजिस्टर को बोर्ड की बैठक में ही पूरा नहीं किया जाता है इसका भी आरोप  लगाया गया।
मीटिंग के दौरान रजिस्टर के पेज को खाली छोड़ दिया जाता हैं, जिससे सरकारी धन की बंदरबांट हो सके। चेयरमैन प्रतिनिधि सभासद गणों के एक भी जनहित के कार्य को मानने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में मीटिंग करने का क्या मतलब है। सभासदों ने आरोप लगाया कि चेयरमैन प्रतिनिधि ने सभासद गणों  के सारे कार्य को नगर पंचायत कर्मचारी को करने से मना कर दिया है।
सभासदगणों ने कहा कि अगर हमारा कार्य चेयरमैन और कर्मचारी नहीं सुनेंगे तो हम अपने वार्ड की जनता की समस्या किसके समक्ष रखेंगे। इस दौरान  मौजूद सभासद राम शंकर, दलीप सोनी, अजित यादव, विकास कुमार, राशिद हुसैन, कुसमा देवी, गीता देवी, ममता देवी मौजूद थे।

इस संबंध में विरोध करने वाले सभासदों का कहना था कि अध्यक्ष प्रतिनिधि द्वारा मनमाने तरीके से कार्य करने तथा वार्ड की समस्याओं को न दूर करने के मुद्दे के कारण आज हमें नगर पंचायत में व्याप्त गड़बड़ी के कारण इस बैठक का बहिष्कार करना पड़ा है। जिसके जिम्मेदार नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि तथा अधिशासी अधिकारी खुद हैं।

वहीं इस संबंध में अधिशासी अधिकारी राकेश चौधरी ने बताया है की आज बोर्ड की बैठक थी जिनमें 8 सभासदों द्वारा अग्रिम हस्ताक्षर के आरोप लगाए हैं वो सब गलत और निराधार हैं। उपस्थिति रजिस्टर पर 4 सभासदों ने हस्ताक्षर किये थे बाकी 8 सभासद मीटिंग हाल से बाहर बिना हस्ताक्षर के चले गए।

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