अपर सत्र न्यायाधीश ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म का जुर्म साबित होने पर सुनाई 10 वर्ष की सजा | New India Times

आशा रेकवार, भोपाल, NIT; ​अपर सत्र न्यायाधीश ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म का जुर्म साबित होने पर सुनाई 10 वर्ष की सजा | New India Timesप्रथम अपर सत्र न्यायाधीश निहारिका सिंह ने सिवनी मालावा में नाबालिंग के साथ किए दुस्कर्म के एक मामले में जुर्म साबित होने दस वर्ष की सजा से दंडित किया है।

मिली जानकारी के मुताबिक़ 15 अप्रैल 2017 की रात को सिवनी मालवा से अजय अंकिले एक नाबालिग को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध मामला पंजीवृद्ध कर न्यायालय के समक्ष पेश किया था। ​अपर सत्र न्यायाधीश ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म का जुर्म साबित होने पर सुनाई 10 वर्ष की सजा | New India Timesन्यायाधीश श्रीमती सिंह ने साक्ष्य के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए धारा 376(2) के तहत दस वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 366 में 5 वर्ष और धारा 363 का दोष सिद्ध होने पर 3 वर्ष की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित भी किया है कि लैगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2017 के नियम उपनियम की धारा के तहत पीडिता को उचित प्रतिकर राशि भी दिलाई जाये।

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