नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
केंद्र में बहुमत की सरकार के दम पर भाजपा ने ED , CBI , Income Tax , RAW , Election Commission , हजारों करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड की सहायता से 2024 के चुनाव में विपक्ष को ख़त्म करने की हर संभव कोशिश की। मतगणना के दौरान भाजपा द्वारा की गई एक एक करतूत अब जनता के सामने आ रही है। महाराष्ट्र के धूलिया से कांग्रेस सांसद डॉ शोभा बच्छाव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी देखा जा रहा है। डॉ बच्छाव ने आरोप लगाया है कि मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी डॉ सुभाष भामरे ने जिलाधिकारी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस के माध्यम से दबाव बनाने का प्रयास किया। डॉ बच्छाव ने कहा दोपहर 4 बजे भाजपा प्रत्याशी डॉ सुभाष भामरे की चार हजार वोटों से आगे चलने की खबर मिली।

भाजपा कार्यकर्ताओ ने भामरे की जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया। हम लोग विधायक कुणाल पाटील के निवास पर थे वहां से तत्काल मतगणना केंद्र में जा कर बैठे तब 15 वां राउंड शुरू था जिसमें मैं आगे चल रही थी। कुल 19 राउंड होने वाले थे पोस्टल वोट में मैं पीछे रही बावजूद बढ़त कायम थी। डॉ भामरे ने प्रशासन से पुनः मतगणना के लिए अर्जी दी हमने भी कहा की हमारी भी अर्जी मानी जाए तब चुनाव निर्णय अधिकारी ने कहा वोटों की गिनती के दौरान आपके प्रतिनिधियों ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। हमने कहा फिर भाजपा की ओर से की गई पुनः मतगणना की मांग को अमान्य किया जाना चाहिए।
डॉ भामरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिलाधिकारी से फोन कॉल से कनेक्ट कराया। इतनी दहशत और दबाव के माहौल में मतगणना प्रक्रिया को लाया गया। हमने जिलाधीश से लोकतांत्रिक तरीके से निर्णय लेने की मांग की। कांग्रेस भवन में आयोजित आभार प्रदर्शन बैठक में डॉ शोभा जी द्वारा दिए गए और सोशल मीडिया पर वायरल भाषण से प्राप्त बयान के आधार पर हम आप तक इतनी जानकारी पहुंचा सके हैं। 4 जून की रात 12:30 बजे कांग्रेस की प्रत्याशी डॉ शोभा बच्छाव को 3 हजार 831 वोटों से विजयी घोषित कर प्रमाणपत्र सौंपा गया। नासिक निवासी डॉ शोभा जी ने नरेंद्र मोदी सरकार में 2014 से 2019 पांच साल तक रक्षा राज्य मंत्री रहे डॉ सुभाष भामरे को हरा दिया। इस सारे मामले में EVM की उन तीन पेटियों का भी जिक्र किया जा रहा है जो गिनती से बाहर रखी गई थी।
