इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफ.एस.एस.ए.आई.) के प्रोजेक्ट “ईट राइट कैंपस” का मुख्य उद्देश्य भारत में विभिन्न शासकीय, अर्धशासकीय एवं निजी संस्थानों में शुद्ध एवं सुरक्षित भोजन को कैंपस में उपलब्ध कराना है। ईट राइट कैंपस योजना के तहत सभी संस्थानों में रसोई घर, कैंटीन को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत विभिन्न प्रावधानों का पालन करना आवश्यक होता है। जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा दमोह जिले के चयनित संस्थानों का एफ.एस.एस.ए.आई. से निर्धारित केंद्रीय ऑडिटर द्वारा फुड सेफ्टी ऑडिट किया गया था। ऑडिट में भोजनशाला/रसोईघर/कैंटीन में वेंटिलेशन, तैयार भोजन की टेस्ट रिपोर्ट, प्रकाश व्यवस्था, समुचित फ़ुड सर्विसिंग, कच्चे खाद्य पदार्थों का निरीक्षण, खाद्य तेल का समुचित उपयोग, पेस्ट कंट्रोल, एनुअल मेडिकल एग्जामिनेशन एवं ट्रेनिंग रिकॉर्ड सहित कुल 47 खाद्य सुरक्षा मानकों पर ऑडिट किया गया था। फुड सेफ्टी ऑडिट में पास होने पर भारत सरकार द्वारा दमोह के एकलव्य विश्वविद्यालय कैंटीन सागर रोड, डी.पी.एस. हॉस्टल एकलव्य विश्वविद्यालय कैंटीन सागर रोड, जिला चिकित्सालय रसोई घर, जिला जेल दमोह किचिन, हाइडलबर्ग मायसेम सीमेंट इंडिया लिमिटेड नरसिंहगढ़ कैंटीन एवं इमलाई कैंटीन, एकेडमी ऑफ नर्सिंग कैंटीन मारुताल, शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर एक्सीलेंस हॉस्टल कैंटीन, एम.एल.बी. कन्या विद्यालय परिसर दमोह एवं डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग सेंटर स्वास्थ्य विभाग दमोह को ईट राइट कैंपस सर्टिफिकेट प्रदान किए गए हैं। उक्त सभी संस्थानों के ईट राइट कैंपस सर्टिफिकेशन कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी माधवी बुधौलिया के सहयोग एवं उनके द्वारा इस कार्य में अहम भूमिका निभाई गई जिसमें ऑडिट एजेंसी हासिल लॉ बोर्ड लखनऊ, उत्तर प्रदेश एवं ट्रेनिंग पार्टनर अरोमा शिक्षा एवं सेवा समिति, कोरबा, छत्तीसगढ़ के सहयोग से यह उपलब्धि प्राप्त हुई।
