एसटी हड़ताल को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार | New India Times

Edited by Maqsood Ali, मुंबई, NIT;  ​एसटी हड़ताल को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार | New India Timesपूरे महाराष्ट्र राज्य में एस.टी कामगारों की अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी है। एसटी कर्मियों की हड़ताल से एसटी में सफर करने वाले यात्रियों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। सरकार के लचर रवैये को देखते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को कडी फटकार लगाई है।

एसटी कर्मचारियों की जारी हड़ताल को लंबा खिंचता देख बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़े शब्दों में फटकार लगाई है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सवाल किया कि, सरकार ने हड़ताल को ख़त्म करने के लिए कोई ठोस कदम उठाये हैं क्या?​एसटी हड़ताल को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार | New India Timesकोर्ट ने तीव्र शब्दों के साथ सरकार को फटकार लगते हुए कहा कि ‘ हड़ताल ख़त्म करने के लिए सरकार ने क्या ठोस निर्णय लिए हैं, यह बताए। अन्य कोई भी बात सुनने के लिए कोर्ट को रुचि नहीं है।’ हड़ताल ख़त्म होने के बाद कोई ठोस फॉर्मूले बनाएं गए हैं क्या? कोई पॉलिसी बनाई गई है क्या? कोर्ट पक्षों को जोड़ने या तोड़ने के लिए नहीं बैठा है। लोगों के लिए पर्यायी विकल्पों के इंतजाम किए गए हैं क्या? इस तीखे शब्दों के साथ कोर्ट ने सरकार पर वार किया। राज्य सरकार के इस सुस्त रवैये का हर्जाना आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सरकार ने हड़ताल के शुरू होने के पहले और शुरू होने के बाद इन परिस्थितियों पर काबू पाने के लिए क्या योजना बनाई है, वह कोर्ट में पेश करे। कोर्ट ने कहा है कि सरकार ने हड़ताल को ख़त्म करने के लिए अब तक कोई भी सकारात्मक प्रतिक्रया नहीं दखाई है।

एसटी कर्मचारियों की तीन मुख्य मांगें :-

1. एसटी कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग लागू रे।

2. पद के मुताबिक वेतन श्रेणी दी जाए।

3. जब तक मजदूरों और कर्मचारियों के वेतन के मामले पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक कर्म्चारियों को 25 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाए।

By nit

One thought on “एसटी हड़ताल को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार”
  1. एस टी कर्मचारी वैसे भी कम वेतन पर काम कर रहे है. उन्हे छटा वेतन आयोग अभी तक नही मिला ऐसा सुनने मे आया है . अगर एस टी कर्मचारी इस देश के नागरिक हैं , ऐसा सरकार मानती है तो अन्य वेतन भोगी कर्मचारीयोंकी तरह उनको भी अपना हक मिलना चाहिए .

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