बुरहानपुर विधायक श्रीमती अर्चना दीदी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव, मंत्री नारायण सिंह कुशवाह से मुलाकात करके उद्यानिकी फसलों एवं केला फसल को मौसम आधारित फसल बीमा योजना में शामिल करने की मांग रखी | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर विधायक श्रीमती अर्चना दीदी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव, मंत्री नारायण सिंह कुशवाह से मुलाकात करके उद्यानिकी फसलों एवं केला फसल को मौसम आधारित फसल बीमा योजना में शामिल करने की मांग रखी | New India Times

बुरहानपुर विधायिका एवं प्रदेश भाजपा प्रवक्ता श्रीमती अर्चना चिटनिस दीदी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव एवं उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्री नारायण सिंह कुशवाह से मुलाकात कर प्रदेश में उद्यानिकी फसलों एवं केला फसल का मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत बुरहानपुर सहित प्रदेश के कृषकों को लाभ प्रदान करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव एवं मंत्री नारायणसिंह कुशवाह ने श्रीमती चिटनिस के द्वारा रखी गई मांगों पर तत्काल किसान हित में निर्णय लेने हेतु आश्वासन दिया।

श्रीमती चिटनिस ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत विभिन्न जिलों के भ्रमण के दौरान उद्यानिकी फसलों के कृषकों द्वारा मांग की जा रही है, कि वर्ष 2019-20 से आज दिनांक तक उद्यानिकी फसलों को फसल बीमा योजनान्तर्गत सम्मिलित नहीं किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों ली जा रही है, जिसमें से 4.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फल, 11.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जी 8.71 हेक्टेयर क्षेत्र में मसाला व रेशम तथा 2.00 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पुष्प एवं औषधीय फसलें बोई जा रही है।

लगभग 35-40 लाख कृषकों द्वारा खेती की जा रही है। प्रदेश में पिछले 03-04 वर्षों में उतार-चढ़ाव (जलवायु परिवर्तन) के कारण उद्यानिकी फसलों में असमयिक क्षति एवं उत्पादकता में कमी होने के कारण उद्यानिकी फसलें ले रहे कृषकों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है, जबकि पड़ोसी राज्यों में उद्यानिकी फसलों का फसल बीमा किया जा रहा है, जो कि मध्यप्रदेश के कृषकों के लिए बड़ी विसंगति है। श्रीमती चिटनिस ने मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव एवं मंत्री श्री कुशवाह से सभी तथ्यों के आधार पर अनुरोध किया कि खरीफ वर्ष 2024 से उद्यानिकी फसलों को फसल बीमा योजना में सम्मिलित किया जाए।


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