मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

” सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा ” इस शेर के रचयिता डॉक्टर अल्लामा इक़बाल ने अपना निम्नांकित शेर भी शायद बुरहानपुर की प्रतिष्ठित वीसालाड समाज की प्रथम महिला अध्यक्ष रही स्वर्गीय निर्मलाबेन डॉक्टर विट्ठल दास बजाज जैसी हस्ती के लिए ही लिखा था, कि: हज़ारों साल नर्गिस अपनी बेनूरी पे रोती है। बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा।। श्रीमती निर्मलाबेन डॉ. विठ्ठलदास बजाज को स्वर्गीय लिखने में कलेजा मुंह को आता है। लेकिन प्रकृति का क़ानून है कि मानव जाति को एक न एक दिन इस दुनिया से अलविदा लेना है। लेकिन कुछ शख्सियत ऐसी होती है जो अपने ऐतिहासिक कामों से इतिहास में हमेशा ज़िंदा रहती हैं। बुरहानपुर की एक ऐसी ही शख्सियत का नाम श्रीमती निर्मलाबेन डॉक्टर विट्ठलदास बजाज का भी है, जिन की सामाजिक सेवाओं के कारण उनका नाम बुरहानपुर के इतिहास में सुनहरी अल्फाजों में अंकित है, और जब तक सूरज चांद रहेगा, तब तक इस जांबाज़ महिला निर्मला बजाज का नाम रहेगा। श्रीमती निर्मलाबेन डॉक्टर विट्ठल दास बजाज ने दिनांक 19 दिसम्बर 2023 को 04.45 बजे 86 वर्ष की आयु में पोते पातियों का हरा भरा अपना परिवार छोड़कर परलोकगमन कर चुकी हैं।
श्री मनमोहनदास शाह एवं श्रीमती सरस्वती बेन शाह, इतवारा, श्री गोकुल चंद्रमाजी मंदिर के पास बुरहानपुर के प्रतिष्ठित परिवार में दिनांक 23/06/1938 को जन्म लेने वाली इस जांबाज और साहसी महिला का बालपन बहुत शानदार गुज़रा है। वे बचपन से ही सुंदर और साहसी थी। अपनी माता श्री श्रीमती सरस्वती बेन शाह के नाम के अनुरूप उन पर मां की कृपा सदैव रहने के साथ मां सरस्वती और मां लक्ष्मी की कृपा भी उन पर सदैव बरसती थी। उनका विवाह डॉ विठ्ठल दास बजाज के संग 27/06/ 1959 को हुआ था। डॉ. विठ्ठल दास बजाज से विवाह के बाद श्रीमती निर्मलाबेन बजाज की ज़िंदगी में और निखार आया और उन्होंने पूरी तन्मयता के साथ सतत और आजीवन आपने अपने घर परिवार की जिम्मेदारियां के साथ समाज सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभाई। आप को देश की आयरन लेडी श्रीमती इंदिरा गांधी के समान श्री वीसा लाड समाज में रानी लक्ष्मी बाई का स्थान प्राप्त था।आप समाज के साथ नगर की अनेक सामाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े हुई थी। आप वनिता विहार स्कूल और श्री वृहद गुजराती समाज की संस्थापक सदस्य थी।
आप चेतना महिला क्लब और लायनेस क्लब के भी सक्रिय सदस्य थी। इसके अलावा आपने अनेक सामाजिक संस्थाओं को समय-समय पर सेवा और अपनी क्षमता अनुसार ईश्वर की दी हुई राशि में से आर्थिक सहयोग प्रदान कर जीवित रखने में अपनी महत्व भूमिका निभाई।आप समाज के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित परिवार के धार्मिक प्रवृत्ति के, सामाजिक और प्रखर, पारदर्शी कार्यप्रणाली में विश्वास रखने वाली बहुत ही दयालु और दयावान महिला थीं। श्री सकलपंच वीसालाड समाज में सन 1998 से चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई थी। आपने चुनाव प्रक्रिया में भाग लेकर समाज के अध्यक्ष का चुनाव लड़ा और विजयी हुई। आप किचन से किंग (क्वीन/ शासक) बनने वाली समाज की पहली महिला अध्यक्ष थीं। यह घटना उस समय की है, जब महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियां तक ही सीमित थी। प्रथम निर्वाचन के बाद उनकी समाज सेवा से प्रभावित होकर समाज जनों ने उन्हें दूसरे टर्म के लिए भी अध्यक्ष चुनकर समाज की उन्नति के लिए अपना मार्गदर्शक/अध्यक्ष चुना।
आप श्री गोकुलचंद्रमाजी मंदिर की भी ट्रस्टी थी। आपने समाज के अनेक सदस्यों को शिक्षा, कन्यादान और आर्थिक रूप से कमजोर सदस्यों को समय-समय पर गुप्त रूप से सहायता की। श्री वीसालाड समाज और श्री गोकुलचंद्रमाजी मंदिर के कल्याण के लिए अपनी वाणी से अन्तिम सांस तक भलाई का काम किया। डॉ राजेश बजाज उनके एकमात्र पुत्र हैं जो आज एक अग्रणी उद्योगपति और समाजसेवी है। निर्मला बेन की चार बेटियां हैं, जिनको उच्च शिक्षा दिलाई, जो विवाहित होकर खुश हाली के साथ अपना घर संसार कर रही हैं। सर्वगुण संपन्न महिला, समाज सेविका वीसा लाड समाज अध्यक्ष श्रीमती निर्मलाबेन बजाज के जीवन पर लिखने के लिए एक लंबे समय की जरूरत है। आज के इस अवसर पर हम उन्हें अपनी ओर से अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करके ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में उच्च उच्च स्थान प्रदान करें और डॉक्टर वी एम बजाज परिवार के सदस्यों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। साथ ही परमपिता परमेश्वर श्रीमती निर्मलाबेन डॉक्टर विट्ठलदास बजाज के परिवार को सुख समृद्धि प्रदान करे।
