प्रशासन की नाक के नीचे सरेआम हो रहा है अवैध खनन, रात के अंधेरे में हो, या दिन के उजाले में अवैध खनन का कारोबार जारी | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

प्रशासन की नाक के नीचे सरेआम हो रहा है अवैध खनन, रात के अंधेरे में हो, या दिन के उजाले में अवैध खनन का कारोबार जारी | New India Times

जिले के तिकुनियां के कई गांवों में जोरों पर अवैध खनन कर काम चल रहा है। खनन माफिया पुलिस से सांठगांठ कर खनन के वाहनों को कस्बे से निकलवाने का काम करते हैं। सुविधा शुल्क देने के बाद खनन माफिया बेखौफ होकर खनन से भरा माल एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करते हैं जबकि कभी कभी जिम्मेदारों द्वारा कार्यवाही के नाम पर केवल खनन माफिया के खिलाफ खानापूर्ति की जाती है।

जिले के तिकुनिया के कौड़ियाला घाट से हो रहा खनन इस समय काफी सुर्खियों में बना हुआ है पूर्व में आई हुई बाढ़ से नदी पर बना हुआ बंधा कट गया था जिसको ग्रामीणों द्वारा पाटकर बनाया गया था परंतु अब यह खनन माफिया उसी बंधे की तलहटी से लगातार हजारों ट्राली खनन कर चुके हैं ऐसी स्थिति में इस भयंकर खनन का परिणाम क्या होगा यह तो अत्यंत सोचनीय विषय है उपजिलाधिकारी ने भले ही एक जेसीबी को सीज कर खनन के विरुद्ध अपना सख्त रुख खनन माफियाओं को दिखाया हो परंतु जमीनी हकीकत तो कुछ और ही बयां कर रही है।

सूत्रों की माने तो यह खनन माफिया रात 10:00 बजे से लेकर दिन के 12:00 बजे तक लगातार खनन कर कस्बे की प्रमुख बाजारों से अपनी बालू भरी ट्राली को हवा से बातें कराते हुए निकलते हैं अगर इनके रास्ते में कभी कोई धोखे से भी आ गया तो उसका हस्र तो समय के गर्भ में है।
चर्चा यह भी है कि कस्बे से लेकर तहसील तक की सुरक्षा एजेंसियों व कुछ अधिकारियों की मिली भगत से खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि अभी कुछ ही दिन पूर्व एक क्षेत्रीय लेखपाल ने एक बालू भरी ट्राली को पकड़ा था पकड़ी हुई ट्राली को कोतवाली लाते वक्त रास्ते में खनन माफियाओं ने उस ट्राली को रोककर उसमें भारी बालू रोड पर गिरा दी और खाली ट्राली लेकर फरार हो गए।

कस्बे की सुरक्षा एजेंसी की आय का प्रमुख स्रोत है खनन

सूत्रों की माने तो कस्बे की कानून व्यवस्था संभाल रही सुरक्षा एजेंसी की आय का प्रमुख स्रोत खनन है चर्चा यह भी है कि इस खनन से ही लाखों का प्रति माह का राजस्व इस एजेंसी को प्राप्त होता है।

नदी के किनारे बसे ग्रामीण भी लगातार हो रहे खनन से दहशत में हैं लोगों का मानना है कि यदि या खनन नहीं रुका तो नदी और भी आगे आ जाएगी और कहीं ऐसा ना हो कि आने वाले समय में यह नदी कौड़ियाला से चलकर तिकुनिया में आकर बहने लगे।

सूत्रों का मानना है कि 2 दर्जन से अधिक ट्रैक्टर ट्राली इस कार्य में दिन से लेकर देर रात तक लगातार लगे हुए हैं उस इलाके में खेती करने वाले किसान भी इस खनन से लगातार परेशान है तो किसानों का मानना है कि नदी जल्द ही उनके खेतों को भी अपने गाल में समा लेगी।

खनन माफियाओं की दबंगई का आलम यह है कि बीते शनिवार को कस्बे के टायर चौराहे पर पुलिस वैन के खड़े रहते हुए और कोतवाल साहब की मौजूदगी में खनन की ट्राली को फर्राटा भरते देखा गया जो टायर चौराहे पर स्थित एक कैमरे में कैद हुआ।

इन गांवों में हो रहा जमकर खनन

कोतवाली क्षेत्र के इन गांवों में इस समय खनन का काला कारोबार चरम पर है जिनमें बरसोला कलां, बनवीरपुर, डांगा, गुलहरिया पत्थर शाह, गंगा नगर, रननगर, सुथना बरसोला आदि गांव प्रमुख हैं।

ईंट भट्टों की आड़ में भी होता है अवैध खनन

कुछ खनन माफिया भट्ठे की आड़ में भी बड़े स्तर पर खनन को अंजाम दे रहे हैं वो चाहे जेसीबी हो या मड लोडर से खनन करना हो। लोगों में जन चर्चा है कि अवैध खनन से बड़े स्तर पर हो रहे धनोपार्जन की वजह से कोई भी सम्बंधित ज़िम्मेदार इन पर विधिक कार्यवाही करना नहीं चाहता।


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By nit

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