रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बडोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

वो सभी व्यक्ति बहुत ही पुण्यशाली एवं भाग्यशाली होते हैं जो निरंतर परमार्थ के सेवा कार्यों में लगे रहते हैं, परमार्थ का कोई भी कार्य कभी छोटा नहीं होता बस हमारे मन के भाव श्रेष्ठ होना चाहिए उक्त उदगार समीपस्थ ग्राम अंतरवेलिया आश्रम में आयोजित मिलन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप श्री विघ्नहरा चेरेटिबल ट्रस्ट के अध्यक्ष यशवंत भंडारी ने व्यक्त किए।
आपने कहा की यदि हम अच्छे कार्य के लिए एक कदम आगे बढ़ायेगे तो लोग चार कदम बढ़ेगे अतः हमें एक कदम आगे बढ़ने के प्रयास करना चाहिए, श्रद्धानंद आश्रम हमारी वैदिक संस्कृति की धरोहर है यहां से जो ज्ञान एवं संस्कार बच्चों को प्राप्त होते हैं वे भावी राष्ट्र के निर्माण के मील के पत्थर होते हैं।
आपने उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को आव्हान किया की आप सब इस आश्रम के चहुमुखी विकास के लिये तन मन धन से सहयोग करें इस अवसर पर ग्राम मईडी उमरादरा आश्रम के संत श्री महाराज ने भी आशीर्वचन प्रदान करते हुए अपनी ओर से पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया, समिति के अध्यक्ष खेमचंद आर्य ने आश्रम को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने हेतु जन जागरण करने का विषय रखा मिलन समारोह में डा. कालू सींग बेहरा, रुमाल खराड़ी, युसूफ भारती, धर्मा तड़वी, निर्भय कटारा आदि सदस्यों ने भी समिति द्वारा संचालित आश्रम के सफल संचालन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किये
बच्चों को उनी एवं नये वस्त्र भेंट किए।
विघ्नहराचेरेटिबल ट्रस्ट के मिडिया प्रभारी रिंकू रुनवाल ने बताया कि मिलन समारोह के अवसर पर ट्रस्ट अध्यक्ष यशवंत भंडारी कि और से पुण्य सम्राट श्री जयंत सेन सुरिश्वर जी म. सा. के 88 जन्मोत्सव के उपलक्ष में आश्रम में अध्ययन रत सभी बच्चों के ठंड से बचने के ऊनी कान टोपी के साथ पहनने के लिये नये परिधान उपस्थित अतिथियों द्वारा भेंट किये। जिसे पाकर बच्चे ख़ुशी से झूम उठे कार्यक्रम के प्रारम्भ में आश्रम के विद्यार्थियों ने उपस्थित सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा ओम तथा गायत्री मंत्र का सामूहिक जाप के साथ, कविता, कहानी आदि कि प्रस्तुति दी, जिसे देखकर अतिथियों ने हर्ष व्यक्त किया। मिलन समारोह का संचालन आश्रम के संचालक प. आयरेन्द्र कुमार वैदिक ने किया। आभार दयानन्द आश्रम थांदला के मनोज गोस्वामी ने माना। मिलन समारोह में वेळसींग भूरिया सरपंच प्रतिनिधि श्रीमती मनीषा वैदिक, विधा भारती, अमला पाल, दौला मड़िया सहित आश्रम से जुड़े कई सदस्य उपस्थित थे।
