अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 4 दिन से चल रहे 74 वां आलमी तबलीगी इज्तेमा का आज दुआ के साथ समापन हुआ। इस इज्तेमे में दुनिया के कोने कोने से लोग शामिल हुए। इस मौके पर मौलाना साद कांधलवि साहब ने क़ुरान और सुन्नत की रौशनी में लोगों से खिताब करते हुऐ कहा कि अल्लाह ने हम पर 5 वक्त की नमाज़ फ़र्ज़ की है और इन नमाज़ों का एहतमाम हमें हर हाल में करना है इसलिए नमाज़ों को ज़रूरी समझो और नमाज़ के ज़रिए अपनी हाजतों को अल्लाह के सामने रखो। आगे उन्होंने कहा कि हम अपने वालिदैन पड़ोसियों, दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ तहां तक कि गैर मज़हब से भी भलाई का मामला करो। उनकी हर तरह से मदद करो। उनसे नफरत ना करो सबके साथ चाहे वो मुसलमान हो या किसी गैर मज़हब का हो सबके साथ नर्मी का बर्ताव करो। किसी को भला-बुरा ना कहो सब के साथ अखलाक व मोहब्बत से पेश आओ। मौलाना ने कहा कि हमें अपने साथ अपने घर वालों एवं पूरी उम्मते-मुस्लिमा की फिक्र करनी चाहिए। ताकि सारी उम्मत जहन्नम के रास्ते से हटकर जन्नत के रास्ते पर चलने वाली बन जाए। अंत में मौलाना ने दुआ की जो तकरीबन आधे घण्टे तक चली इस दौरान पूरे इज्तिमागाह में सन्नाटा छाया रहा।
इज्तिमे में इन्तेज़ामिया कमेटी के लोग हर तरह और हर तरफ नज़र रखे हुए थे। आसान आवागमन बनाये रखने के लिये रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से इज्तिमा गाह तक हज़ारों रजाकार खास तौर पर नौजवान पुलिस प्रशासन के साथ बेमिसाल खिदमत अंजाम दे रहे थे। सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत बड़ी संख्या में पुलिस जवान भी तैनात थे। ज़िला प्रशासन के साथ ही पुलिस के उच्चाधिकारी भी हालात पर पैनी निगाह रखे हुये थे। वापसी के वक्त ईंटखेड़ी से लेकर भोपाल बस-स्टैंड, रेलवे-स्टेशन तक सिर्फ जमातियों से भरे रोड और गलियां ही नज़र आ रही थीं हर तरफ टोपी लगाए मुस्लिमों का हुजूम नज़र आ रहा था।
