नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मराठों को OBC के भीतर उनके हक का आरक्षण चाहिए। हम SC/ST और धनगरों के NT/VJNT से आरक्षण नहीं मांग रहे है। हम धनगरो से अनुरोध कर रहे हैं कि वह हमारे आरक्षण का विरोध न करे ऐसा आवाहन मनोज जरांगे पाटील ने किया है। मराठा आरक्षण जनजागृति यात्रा के लिए महाराष्ट्र दौरे पर निकले जरांगे जलगांव जिले में हैं। जामनेर के सार्वजनिक इतिहास में पहली बार किसी का अभूतपूर्व स्वागत किया गया होगा तो वह शख्स मनोज जरांगे हैं। डॉ बाबासाहब आंबेडकर तिराहे पर बनाए गए विचार मंच से मनोज जरांगे को सुनने के लिए करीब दस हजार लोग सड़क पर थे। मनोज जरांगे ने अपने संबोधन में OBC नेता कहलवाते छगन भुजबल पर आरोप लगाया कि भुजबल अन्य समाज समूहों को मराठों के खिलाफ़ भड़का रहे हैं। गिरीश महाजन ने कहा था कि मराठा आरक्षण आंदोलन में शामिल कार्यकर्ताओं पर दायर फौजदारी मामले वापिस लिए जाएंगे अब तक वो मामले वापिस नहीं हुए इसके विपरीत पुलिस की ओर से गिरफ़्तारियां शुरू कर दी गई है।

महाजन बोले थे की मराठों को सीधे आरक्षण नहीं दे सकते वैसा कानून पास करवाने के लिए कोई आधार चाहिए। हमने सरकार को 24 दिसंबर का अल्टीमेटम दिया उसके बाद राज्य में 32 लाख मराठों को OBC का कुनबी प्रमाणपत्र जारी किया गया है। अकेले जलगांव जिले में जाति आधारित साढ़े तीन लाख सबूत मिले जिसके आधार पर मराठा परिवारों को OBC आरक्षण का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो सका है। मैं गिरीश महाजन को चेतावनी दे रहा हूं की आप हमारी थाली में मिट्टी घोलने का काम न करें, आरक्षण का मसला हमारे बच्चों के भविष्य और उनके जीवन से जुड़ा हुआ है। कोई भी नेता मराठो का द्वेष नहीं कर सकता क्योंकि मराठा समाज ने कभी भी किसी की जाती देखकर उसे नेता नहीं बनाया। खानदेश – विदर्भ प्रांत के OBC मराठों को आवाहन करते हुए जरांगे ने कहा कि आरक्षण की इस लड़ाई में मराठवाड़ा पश्चिम महाराष्ट्र के मराठा समाज को आप सब के समर्थन की आवश्यकता है। मंच पर सकल मराठा समाज की ओर से शंकर मराठे , विश्वजीत पाटील , दीपक पाटील , प्रवीन गावंडे , प्रदीप गायके , अमोल ठोंबरे समेत महिलाएं और मान्यवर मौजूद रहे।
