सीकर जिले की फतेहपुर विधानसभा में भाजपा व धोद विधानसभा में कांग्रेस तीसरे नम्बर के लिये कर रही है संघर्ष | New India Times

अशफ़ाक़ क़ायमखानी, सीकर/जयपुर (राजस्थान), NIT:

सीकर जिले की फतेहपुर विधानसभा में भाजपा व धोद विधानसभा में कांग्रेस तीसरे नम्बर के लिये कर रही है संघर्ष | New India Times

जिले की आठ विधानसभा क्षेत्र में से छः पर भाजपा व कांग्रेस उम्मीदवारों में सीधा मुकाबला हो रहा है। जबकि फतेहपुर में भाजपा व धोद में कांग्रेस उम्मीदवार तीसरे नम्बर के लिये संघर्ष करते नजर आ रहे हैं। जबकि वर्तमान में दोनों जगह कांग्रेस के विधायक हैं।

फतेहपुर में वर्तमान विधायक हाकम खान कांग्रेस उम्मीदवार हैं। जबकि उनका पूर्व विधायक व जेजेपी उम्मीदवार नंदकिशोर महरिया से सीधा मुकाबला है। भाजपा उम्मीदवार श्रवण चोधरी के पिछड़ जाने के चलते उनका निर्दलीय उम्मीदवार मधुसूदन भिण्डा के मध्य तीसरे नम्बर के लिये कड़ा संघर्ष होगा।

इसी तरह धोद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार गोवर्धन वर्मा से माकपा उम्मीदवार पूर्व विधायक कामरेड पेमाराम से सीधा मुकाबला होगा। जबकि कांग्रेस उम्मीदवार जगदीश दानोदिया व रालोपा उम्मीदवार महेश मोरदिया के मध्य तीसरे नम्बर के लिये मुकाबला हो रहा है। कांग्रेस के वर्तमान विधायक व दिग्गज दलित नेता परशराम मोरदिया का टिकट कटने पर उनके पूत्र महेश मोरदिया रालोपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। परशराम मोरदिया की टिकट कटने का असर नजदीकी सीट लक्ष्मनगढ से कांग्रेस उम्मीदवार पर पड़ता दिखाई दे रहा है। गोवर्धन वर्मा व पेमाराम दोनों धोद से विधायक एक दुसरे को हराकर रह चुके हैं। अब फिर इनमें सीधा मुकाबला हो रहा है। धोद से कांग्रेस उम्मीदवार जगदीश दानोदिया को बहुत कमजोर उम्मीदवार माने जाने के कारण सेक्युलर मतों का झुकाव माकपा उम्मीदवार कामरेड पेमाराम की तरफ स्वाभाविक होता दिखाई दे रहा है।

कुल मिलाकर यह है कि फतेहपुर से 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार सुनिता के कुछ सेंकड़ा मतों से हारने के बावजूद 2023 के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार श्रवण चोधरी के तीसरे नम्बर के लिये संघर्ष करना एवं धोद में 2018 में कांग्रेस उम्मीदवार परशराम मोरदिया के अच्छे मतों से जीतने के बावजूद 2023 में कांग्रेस उम्मीदवार जगदीश दानोदिया के तीसरे नम्बर के लिये संघर्ष करना राजनीति में सोचने पर मजबूर करता है। श्रवण चौधरी धनबल में काफी मजबूत व जगदीश दानोदिया कमजोर माने जाते हैं। धोद आरक्षित सीट है।


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