मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

मेरे द्वारा दो तीन बार एक प्रत्याशी के रूप में निगमायुक्त बुरहानपुर संदीप श्रीवास्तव को, जो कि वर्तमान में नगर निगम आयुक्त के रूप में काम कर रहे हैं और पूर्व में अर्चना चिटनीस के मंत्री रहते हुए उनके ओ एस डी भी रह चुके हैं। साथ ही 2013 में भी बुरहानपुर के निगमायुक्त रह चुके है। मैंने दो तीन बार कलेक्टर और चुनाव आयोग में शिकायत की है कि उनके द्वारा व्यक्ति विशेष के लिए काम किया जा रहा है। कई जगह से शिकायत आई है कि हमारे जो झंडे बैनर लगाए गए हैं उन्हें निगम के कर्मचारियों द्वारा निकालकर फेंका गया है। सरकारी संपत्ति न होते हुए भी जो लोगों के घरों पर झंडे लगे हुए थे उन्हें भी निकालकर फेंका गया है। साथ ही व्यक्ति विशेष के पुराने बैनर मार्केट में आपको देखने को मिलेंगे। चुनाव आयोग को लिखित, मौखिक, कलेक्टर बुरहानपुर, एसडीएम बुरहानपुर से भी शिकयत की, लेकिन कहीं से कोई कार्रवाई नहीं हुई इसलिए यह बात चुनाव आयोग पहुंचाना चाहता हूं कि आयोग संज्ञान लें।
यह आरोप निर्दलीय प्रत्याशी हर्षवर्धन नंदकुमारसिंह चौहान ने गुरूवार शाम अपने निवास पर प्रेस कांफ्रेंस में लगाए। हर्षवर्धन ने कहा- लगातार इस प्रकार की कार्रवाई कर हमारा नुकसान करने का प्रयास किया जा रहा है। जवाब मिलता है कि देखेंगे, लिखित में शिकायत भेज दो। जांच का कहते हैं। जांच होते होते 17 तारीख आ जाएगी फिर क्या मतलब। दरअसल यह जन समर्थन से चिढ़ कर झंडे बैनर निकालकर फेंके जा रहे हैं, लेकिन इससे कार्यकर्ता डिस्टर्ब होता है। आज उसने अपने नेता का झंडा घर पर लगा रखा है तो उसे निकालकर फेंका जा रहा है।निगम कर्मचारियों द्वारा यह कहकर निकाला जा रहा है कि सरकारी संपत्ति पर लगे हैं। मैं यही चाहता हूं कि या तो उनका रवैया बदले या चुनाव आयोग उन्हें यहां से हटाए।
क्या कहता है नियम
कानून के जानकारों की मानें तो वर्तमान में आचार संहिता प्रभावशील है। इस कारण कोई भी शासकीय कर्मचारी किसी भी पार्टी या उम्मीदवार के पक्ष या विपक्ष में अपने पद या प्रभाव से चुनाव को प्रभावित नहीं कर सकता। यदि वह ऐसा करते हैं तो यह आचार संहिता का उल्लंघन है। इस पत्रकार वार्ता में उनके साथ उनके अधिवक्ता श्री सत्यनारायण वाघ एवं उनके भाई सुजय सिंह चौहान भी मौजूद रहे।
