जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा आशीष गर्ग के निर्देशानुसार मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस | New India Times

अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:

जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा आशीष गर्ग के निर्देशानुसार मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस | New India Times

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा आशीष गर्ग के निर्देशानुसार आज दिनांक 01 अक्टूबर 2023 को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन चेतन्य विहार वृद्ध / विधवा महिला आश्रय सदन, वृन्दावन में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा श्रीमती नीरू शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर आश्रय सदनों की अधीक्षिकायें व कर्मचारीगण, आश्रय सदन में निवासरत् वृद्ध / विधवा मातायें, पराविधिक स्वयसंसेवक उपस्थित रहे।

विधिक साक्षरता शिविर का संचालन करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्राविधिक स्वयंसेवकों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का महत्व बताते हुए शासकीय योजनाओं, वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन आदि के सम्बंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

अध्यक्षता करते हुए सचिव, जिला विधिक सेवा प्रधिकरण, मथुरा श्रीमती नीरू शर्मा द्वारा उपस्थित माताओं को बताया गया कि बुढ़ापा एक सामान्य मानवीय प्रक्रिया है जो मानव जीवन चक्र में स्वाभाविक रूप से चलती रहती है। इस प्रक्रिया में मानव शरीर के अंगों के कामकाज की क्षमता में गिरावट आती है। प्राचीन भारत के गुरुकुलों व विद्यालयों में मातृ देवो भव, पितृ देवो भवः, आचार्य देवो भव इन मंत्रों का उद्घोष प्रतिदिन सुना जाता था, परन्तु पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव व तीव्र गति के शहरीकरण की वजह से भारतीय समाज की संरचना में परिवर्तन आ रहे हैं एवं हम अपने संस्कार व बुजुर्गों के प्रति सम्मान के भाव को खोते जा रहे हैं।

वर्तमान समय में हम आए दिन हमारे समाज में हो रहे वृद्धजनों पर अत्याचार से सभी वाकिफ है एवं उनके अधिकारों का हर दिन हनन किया जा रहा है। माँ बाप को संपत्ति से बेदखल कर दर-दर की ठोकरें खाने के लिए छोड़ दिया जाता है या फिर उन्हें वृद्धाश्रम की चार दीवारी में रहने को मजबूर कर दिया जाता है। हमारे देश में बुजुगों पर होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए कानून बनाये गये हैं और वक्त वक्त पर देश के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने बुजुर्गों की देखभाल को लेकर कई दिशानिर्देश दिये हैं। देश में वरिष्ठ नागरिको को अनेकों सेवाओं में छूट प्रदान की गई है।

सचिव द्वारा माताओं को माता-पिता का भरणपोषण एवं वरिष्ठ नागरिकता एक्ट 2007 तथा वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के सम्बंध में विस्तृत रूप से बताया गया। विधिक साक्षरता शिविर के अंत में माताओं ने श्री कृष्ण के भजन गाकर नृत्य प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा श्रीमती नीरू शर्मा द्वारा कार्यक्रम मे प्रतिभाग करने वाले बच्चों व माताओं को उपहार प्रदान किये गये।

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