जलगांव जिले में कई गांवों का संपर्क टूटा, मूसलाधार बारिश से फसलें बर्बाद, फेस्टिवल्स की चमक में खोए मंत्री, जनता की मांग पीड़ितों की सुद लेने राजभवन से बाहर निकले गवर्नर | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

दस सितम्बर तक गायब रहा मानसून अचानक सक्रिय हो गया और पूरे महाराष्ट्र में सारे के सारे डैम पानी से लबालब हो गए। विदर्भ के नागपुर ग्रामीण बाढ़ की चपेट में आने से वहा NDRF को तैनात किया गया है। जलगांव के सभी 16 सिंचाई प्रोजेक्ट पूर्ण क्षमता से भरने के कारण अतिरिक्त पानी गुजरात की ओर रवाना करना पड़ा है। जिस नदी जोड़ प्रोजेक्ट का डिजाइन सामने रखकर पूर्व सिंचाई मंत्री गिरीश महाजन ने जामनेर की जनता से वोट लिए वह प्रोजेक्ट जुमले के बजाय सच साबित होता तो गुजरात जाने वाला पानी जलगांव लोकसभा के सात विधानसभा क्षेत्रो की खेती कि सिंचाई और औद्योगिक विकास के लिए वरदान बनता। पाचोरा मे संपन्न शासन आपल्या दारी इवेंट मे अजित पवार ने इसी प्रोजेक्ट के लिए 8 हजार करोड़ रुपया फंड देने की बात कही थी।

जिसके ठीक बाद 100 करोड़ रुपया खर्च कर औरंगाबाद में आयोजित कैबिनेट बैठक में सरकार ने मराठवाड़ा के विकास के लिए 50 हजार करोड़ का प्रस्ताव रखा और मंजूर किए मात्र 9 हजार करोड़। इसी बैठक में जलगांव के नदी जोड़ प्रोजेक्ट का पैसा लाया जा सकता था लेकिन ऐसा कुछ भी नही हुआ। बहरहाल जिले में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पारोला, बोदवड़, जामनेर के कुछ गांवो का संपर्क टूट चुका है। हतनुर डैम के बैक वाटर से रावेर तहसील के कई गांवो मे पानी घुस गया है, बागानों में खड़े केले के पेड़ सड़ने लगे है। हेवी रेन के कारण फसलों का प्रचंड नुकसान हुआ है। राज्यपाल के नाम से चलने वाले शासन मे प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है। इसी प्रशासन पर नियंत्रण के नाम पर असंवैधानिक सरकार मे शामिल और सांस्कृतिक फेस्टिवल्स की चकाचौंध मे व्यस्ततम मंत्रीयो द्वारा लोकहित का डंका बजाकर ताबड़तोड़ तरीके से सरकारी आदेशो को जारी करने की नौटंकी का काम जोर शोर से किया जा रहा है। राज्य मे प्राकृतिक आपदा से पीड़ित किसान, मजदूर यह मांग कर रहे है कि जनता की सुद लेने के लिए खुद गवर्नर राजभवन से बाहर निकले।

अक्षरा प्रदेश में अव्वल:-

श्री शिवाजी शिक्षण प्रसारक मंडल भुसावल की ओर से स्व बाबासाहेब नारखेड़े स्मृती निबंध प्रतियोगिता में आठवी कक्षा की छात्रा अक्षरा विजय सैतवाल ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रकृति एक कलाकार (निसर्ग एक कलावंत) इस विषय पर अक्षरा ने सर्वोत्तम निबंध लेखन किया। अक्षरा को स्मृति चिन्ह किताबे प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। रोमा नारखेडे, अण्णासाहब बेंडाले, पारसनाथ ट्रस्ट अध्यक्ष प्रकाश सैतवाल , एम पी सावखेड़कर, आर डी येवले, वी डी पाटील ने अक्षरा का गौरव किया।


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