खाना खाने के बाद छात्रावास के 22 बच्चे बीमार, डॉक्टरों ने जताई फूड पॉइजनिंग की आशंका, होस्टल अधीक्षक हुआ निलंबित | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

खाना खाने के बाद छात्रावास के 22 बच्चे बीमार, डॉक्टरों ने जताई फूड पॉइजनिंग की आशंका, होस्टल अधीक्षक हुआ निलंबित | New India Times

आलीराजपुर के जोबट विकासखंड के शासकीय बालक छात्रावास छोटी हीरापुर में शाम का खाना खाने के बाद 22 बच्चों की तबीयत खराब हो गई। उल्टियां शुरू होने के बाद सभी बच्चों को ज़िला अस्पताल लाया गया।
जांच के बाद डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई।

जानकारी के अनुसार हीरापुर के छात्रावास में शनिवार शाम को बच्चों ने बैंगन की सब्जी, रोटी और दाल-चावल खाए थे। खाना खाने के कुछ देर बाद बच्चों को उल्टियां होने लगी। एक-एक कर 22 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इस पर दो वाहनों में बच्चों को ज़िला अस्पताल लाया गया, उपचार किया जा रहा है।

अधीक्षक को कलेक्टर ने किया निलंबित

जानकारी मिलते ही कलेक्टर डॉ. अभय अरविंद बेडेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने डॉक्टरों से चर्चा की और बच्चों की सेहत के हाल जाने। कलेक्टर ने बताया कि एक टीम को खाने का सैंपल लेने के लिए छोटी हीरापुर भेजा है। प्रथमदृष्ट्या लापरवाही सामने आने पर अधीक्षक करमसिंह रावत को निलंबित कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि अधीक्षक रात के समय होस्टल में नहीं रहते हैं।
घटना की जानकारी मिलने पर विधायक मुकेश पटेल, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष नागर सिंह चौहान, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल, भाजपा नेता इंदर सिंह चौहान, नितेश अलावा, मुकाम सिंह डावर भी जिला अस्पताल पहुंच गए थे।

38 बच्चों ने खाया था खाना, शेष की स्थित सामान्य

अफसरों ने बताया कि होस्टल में कुल 38 बच्चों ने यह खाना खाया था।

इनमें 22 को उल्टी की शिकायत हुई।
शेष की स्थिति सामान्य है। हालांकि एहतियातन शेष बच्चों को भी जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया।

जिले के सभी छात्रावास की होना चाहिए जांच

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल ने मीडिया के माध्यम से कलेक्टर से मांग की है कि जिले के सभी छात्रावास में अधीक्षक रात में नहीं रहते हैं। सभी बच्चे चौकीदार के भरोसे रहते हैं। इसलिए जिला प्रशासन को एक टीम बनाकर जिले के सभी छात्रावास की जांच करना चाहिए।

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