पवन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

विगत तीन माह से वृद्धावस्था, विधवा, विकलांग एवं निराश्रित पेंशन, न मिलने के विरोध में और उनको तुरंत पेंशन दिए जाने की मांग को लेकर कांग्रेस के सुनील शर्मा सोमवार चार शहर नाके चौराहे पर उपवास कर अपना विरोध जताते हुए शिवराज सरकार और क्षेत्रीय मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर से मांग की कि जल्द से जल्द उनकी पेंशन प्रारंभ की जाए जिससे उनको जीवन यापन के संकट का सामना ना करना पड़े। पेंशन शीघ्र दिए जाने की मांग के साथ-साथ उन्होंने मांग की पेंशन 3 हज़ार की जाए उपवास सुबह 8:00 बजे से लेकर शाम 8:00 बजे तक चला उपवास में बैठे सुनील शर्मा के समर्थन में सैकड़ों कांग्रेस जनों ने एवं क्षेत्रीय बुजुर्गों विधवा बहनों एवं विकलांग भाइयों ने धरने स्थल पर पहुंचकर अपनी अपनी बात रखी उपवास के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए सुनील शर्मा ने बताया कि ग्वालियर विधानसभा मज़दूरों की बहुतायत बाली विधानसभा यहां बहुत सारे लोग बेरोजगार हैं इस कारण बहुत सारे लोग विकलांग पेंशन बुजुर्ग पेंशन विधवा पेंशन निराश्रित पेंशन पर ही जीवन यापन के लिए आधारित हैं उन्होंने बताया की आज मेरे पास करने में बहुत सारे मिलकर मज़दूर भी आए और उन्होंने बताया कि जे सी मिल की भी पेंशन बंद है।
सरकार की मानवीय संवेदनाएं मर गई है ऐसा प्रतीत होता है उन्होंने कहा की शिवराज को उनके ऊपर दया नहीं आती की विधवा बहने इधर-उधर भटक रही हैं और शिवराज इनको अपनी बहन और भांजियां बता रहे हैं उन्होंने कहा की लाड़ली लक्ष्मी योजना के नाम पर जो लोग लुभावने बातें किए जा रहे हैं उसके विपरीत हमारे बुजुर्ग महिलाएं विकलांग और निराश्रित दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं उन्होंने कहा 18 साल बाद अगर शिवराज सिंह का सिलेंडर दे सकते हैं तो उन्होंने 18 साल 400 में सिलेंडर क्यों नहीं दिया उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह की जुमलेबाजी जनता पहचान गई है। शिवराज सिंह को पता चल गया है कि भाजपा की हार होने वाली है। कुछ भी घोषणाएं कर रहे हैं उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द अगर मेरे बुजुर्गों की विधवा बहनों की मेरे विकलांग भाइयों की पेंशन चालू नहीं की गई कांग्रेस सड़कों पर उतरकर इसी तरह आंदोलन करती रहेगी और मंत्री और मुख्यमंत्री की नींद ख़राब करेगी। धरने का संचालन ब्लॉक अध्यक्ष मुनेंद्र सिंह भदौरिया ने किया।
धरने में मुख्य रूप से दर्शन मिश्रा अनिल शर्मा ओमप्रकाश दुबे रामधन सिंह राठौड़ सुरेश प्रजापति विकास जैन मनीष शर्मा शकील मंसूरी रामू कुशवाहा धर्मेंद्र वर्मा अजीत गोस्वामी रघुनाथ तोमर प्रशांत मौर्य राधे श्याम शर्मा राकेश पंडित पवन जैन अशोक करेतिया सोनू राजावत आकाश शर्मा रघुनाथ तोमर देवलाल साके हिमांशु कुलश्रेष्ठ सोमिल शर्मा विजय दिवाकर जितेंद्र प्रजापति डॉक्टर के सिसोदिया संतोष राठौड़ मोनू जैन अंकित आर्य नितेश बाथम बेटू खंडेलवाल जितेंद्र भदोरिया उमेश भदोरिया सुभाष शर्मा भीष्म भदोरिया राजेंद्र बाथम विकास शर्मा धर्मेश जयपुरिया अरमान कुरेशी सोहेल खान रशीद उस्मानी अर्जुन चंदेल राम साईं तोमर दीपक पचोरिया आदि मौजूद रहे।
