पुलिस पर घर में घुस कर अभद्रता करने के आरोप में अफवाह निकली फर्जी | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

पुलिस पर घर में घुस कर अभद्रता करने के आरोप में अफवाह निकली फर्जी | New India Times

जिस रात एसओ पर आरोप लगा था, उसी रात एसओ पीजीआई में भर्ती थे। धारा 307 अभियोग में नामजद आरोपी को बचाने के लिए षड्यंत्र रचा गया था।
लखीमपुर खीरी के हैदराबाद थाना प्रभारी बलवंत साही समेत थाने के अन्य पुलिसकर्मियों पर पूर्व प्रधान के घर में घुसकर तांडव करने का आरोप लगाकर सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट को लेकर जब पत्रकारों ने ग्राउंड स्तर पर जानकारी इकट्ठा की तो सामने आने वाले तथ्य बिल्कुल उल्टा निकले। दरअसल तहसील गोला अंतर्गत ग्राम पंचायत रोशन नगर के पूर्व प्रधान प्रेमचंद वर्मा द्वारा जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी को दिए शिकायती पत्र में थाना हैदराबाद प्रभारी बलवंत साही समेत उनके अन्य स्टाफ के पुलिस कर्मियों पर घर में घुसकर तोड़फोड़ व अभद्रता करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए थे लगातार पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट वायरल की जा रही थी। प्रकरण की चर्चा सोशल मीडिया पर जब आग की तरह फैल गई जिसके बाद लोगो के बीच मे तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई। इसी प्रकरण को लेकर जब पत्रकारों ने जानकारी इकट्ठा करना शुरू की तो मामला कुछ और ही निकला।

तथ्यों के आधार पर 25 जुलाई को थाना प्रभारी थे पीजीआई

मामले की जानकारी के लिए थाना हैदराबाद प्रभारी बलवंत साही से बात करने पर उन्होंने बताया कि 25 जुलाई की रात तकरीबन 1 बजे की घटना दिखाकर मुझ पर और मेरे अन्य स्टाफ कर्मियों पर आरोप लगाए गए हैं ऐसा इससे पूर्व एक मामले में दर्ज एक मुकदमे की पेशबंदी को लेकर किया गया है। बलवंत साही ने बताया कि 25 जुलाई को तकरीबन 1:00 बजे की जो घटना दिखाई जा रही है वह पूर्णतया निराधार है क्योंकि 25 व 26 जुलाई की रात 9.34 बजे दिनांक 24.07.2023 मु0अ0सं0 167/2021 थाना पसगंवा के मामले मैं अपना सी0यू0जी0 व थाना कार्यभार 30नि0 कुलदीप सिंह को सुपुर्द कर रवाना हो गया था जिसकी जी0डी0 की कापी उच्चाधिकारियों को प्रेषित प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न की गई है और वही पर मेरे हार्ट मे अचानक दर्द हुआ जिस वजह मुझे मेरे स्टाफ कर्मियों द्वारा पी० जी० आई० लखनऊ ले जाया गया जहां मेरे चेस्ट का न्यूक्लीयर स्कैन टेस्ट हुआ। मेरी वापसी की दिनांक 26.07.2023 पर जीडी नं0 19 पर दर्ज है। जिनकी छायां प्रति प्रार्थना पत्र के साथ उच्च अधिकारियों को प्रेषित की जा चुकी है।

पुलिस पर आरोप लगाने वाला 307 के आरोपी का है रिश्तेदार

दरअसल जिस ग्राम पंचायत रोशन नगर के पूर्व प्रधान प्रेमचंद वर्मा ने थाना हैदराबाद के खिलाफ उच्च अधिकारियों को आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाए हैं उसी के रिश्तेदारों के खिलाफ थाना हैदराबाद पर 25 जुलाई को जान से मारने के प्रयास की धाराओं मे मुकदमा पंजीकृत हुआ था जिसमें अभियुक्त कमलेश उर्फ कमल पुत्र रमेशचन्द्र वर्मा निवासी ग्राम हैदराबाद जनपद खीरी को 27.07.2023 को न्यायिक अभिरक्षा में गिरफ्तार कर भेजा गया है जिसकी विवेचना प्रचलित है। थाना प्रभारी हैदराबाद ने बताया कि अभियुक्त कमलेश उर्फ कमल समधी है। प्रेमचन्द ने अपनी लड़की कमलेश उर्फ कमल के घर में ब्याही है। केवल विवेचना पर दबाव बनाने के लिए थाने के मय स्टाफ के खिलाफ साजिश व सडयन्त्र के तहत झूठे प्रार्थना पत्र दे रहा है।

क्या था मामला?

सचिन वर्मा प्रधान निवासी ग्राम जमुनहां थाना हैदराबाद ने थाना हैदराबाद में तहरीर देकर विपक्षी गण सतीश वर्मा उर्फ गुड्डू, कमलेश उर्फ कमल, विमल वर्मा पुत्रगण रमेशचन्द्र वर्मा व कमलेश उर्फ कमल की पत्नी पर संगीन अपराध करने का आरोप लगाते हुए थाना हैदराबाद में मुकदमा दर्ज कराया था। दी तहरीर में प्रधान वर्मा ने बताया था कि दिनांक 25-7-2023 को समय दोपहर 3 बजे उपरोक्त विपक्षी गण मेरे घर के दरवाज़े पर आकर गंदी गंदी गालिया दी मेरे भाई शैलेन्द्र वर्मा उर्फ सोनू के विरोध कर ने पर मेरे भाई के सिर पर विपक्षी कमलेश वर्मा ऊर्फ कमल ने जान से मारने की नियति से धारदार फावड़ा मार दिया और लात घूसों से मारते पीटते रहे जब मेरे भाई की पत्नी बीना वर्मा ने बचाना चाहा तो विपक्षी ने बीना वर्मा को भी मारा पीटा तथा जान से मारने की धमकी दी मेरे भाई व उसकी पत्नी के शरीर पर गम्भीर चोटे आई। विपक्षीगण के पास लाइसेंसी सशस्त्र है। जो लहराते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए चले गये। जिस के संबंध में थाना हैदराबाद प्रभारी बलवंत शाही ने सतीश वर्मा उर्फ गुड्डू, कमलेश उर्फ कमल, विमल वर्मा पुत्रगण रमेशचन्द्र वर्मा व कमलेश उर्फ कमल की पत्नी पर जान से मारने के प्रयास करने समेत अन्य तमाम धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कुछ लोगों का चालान भी भेज दिया था। थाना हैदराबाद प्रभारी बलवंत शाही ने बताया कि इसी वजह से विवेचना को प्रभावित करने के लिए पेश बंदी कर पुलिस पर आरोप लगाए जा रहे हैं।


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