जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

पिछले चुनाव में कुछ सीटों की कमी की वजह से पूर्ण बहुमत पाने से वंचित रह गई कांग्रेस इस बार सभी खामियों को दूर कर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। इसी क्रम में अब पार्टी ने तय किया है कि इस बार लगातार हार की हैट्रिक लगा चुके पार्टी नेताओं को प्रत्याशी नहीं बनाया जाएगा। दरअसल इस तरह के कई दावेदार सामने आ रहे थे जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने ऐसे दावेदार नेताओं को साफ कर दिया है कि उन्हें पार्टी इस बार टिकट नहीं देगी इसके इतर कमलनाथ ने अपने प्रत्याशियों के चुनावी प्रचार आदि के लिए अधिक समय देने के लिए करीब एक सैकड़ा टिकट के दावेदारों को चुनावी तैयारियां करने के लिए मैदानी स्तर पर मोर्चा संभालने के संकेत दे दिए हैं। यह वह चेहरे हैं जो पार्टी के साथ ही कमलनाथ के सर्वे में सबसे अच्छे दावेदार बनकर सामने आ चुके हैं। इनमें कई मौजूदा विधायक और पूर्व प्रत्याशी भी शामिल हैं। इनमें से वे सीटें अधिक है जहां पर पहाड़ी प्रत्याशियों को बीते चुनाव में मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही पार्टी ने करीब डेढ़ दर्जन मौजूदा विधायकों की टिकट भी काटने की तैयारी कर ली है। कहा जा रहा है कि अगर चुनावी तारीखों की घोषणा तक उनकी स्थिति अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में नहीं सुधरी तो फिर उनका टिकट कटना तैय है। ऐसे पार्टी विधायकों को इस मामले में संकेत भी दे दिए गए हैं यही वजह है कि उनके नाम अभी होल्ड किए गए हैं। इसके अलावा भाजपा से कांग्रेस में आए कई नेताओं को भी टिकट देने पर उनके इलाके में पकड़ को देखते हुए पार्टी में विचार मंथन किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी सहित कुछ अन्य दलों के नेताओं के कांग्रेस में आने की संभावना को देखते हुए कांग्रेस ने कुछ सीटों पर अभी कोई नाम तय नहीं किया है पूरी संभावना है कि इस बार तीन चरणों में प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी। पहले चरण में उन उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जाएंगे जहां प्रत्याशी के नाम को लेकर विरोध नहीं है।
