फराज अंसारी, बहराइच ( यूपी ), NIT;
यूपी के बहराइच जिले में जहां नदियां कहर बरपा रही हैं वहीं बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी राहत तो दूर, अबतक कोई सरकार नुमाइंदा हाल मालूम करने भी नहीं पहुंचा है, जिससे बाढ़ पीड़ितों में शासन प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त नाराजगी देखी जा रही है। 
पूर्व विधायक वारिस अली ने बाढ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की।
घाघरा और सरयू नदी के तेज बहाव में बडी संख्या में ग्रामीण नदी के कटान से बेघर हो गए हैं और फसलों को भारी क्षति पहुंची है, वहीं दूसरी ओर एकघरा घाट पुल का अप्रोच पूरा कट गया है, गढ़ी घाट पुल का, पुल से लगा हुआ पूर्वी अप्रोच क्षति ग्रस्त हो गया है और मटिहा मार्ग पर बानपुरवा गाँव के निकट रोड काफ़ी कट गई है। इस प्रकार से विकास खंड शिवपुर की नेवादा पूरे कस्बाती, रामपुर धोबियाहार, अरनवा, डल्लापुरवा, गिरदा, पाठकपुरवा, पिपरिया, जरबधिया, बल्दूपुरवा, रायगन्ज, एघ्घरा, तिगडा, तथा विकास खंड बलहा की बढैया कला, दलजीत पुरवा, बैबाही आदि ग्राम पंचायतें काफी गम्भीर स्थिति में हैं।
इसके अलावा शिवपुर विकासखंड की बितनिया मंगल पुरवा, सोहबतिया, खैराकला, बसंतापुर, सैय्यद नगर, बौन्डी, शिवपुर, लौकिहा, गुजरती पुरवा, अम्बरपुर, बरुही टेपरी, चौकसाहार और बेलामकन आदि तथा विकासखन्ड बलहा की पतरैहा, ककरहा बोधवा, भवनियापुर बनघुसरी आदि लगभग एक दर्जन ग्राम पंचायतें अत्यधिक प्रभावित हैं। बाढ़ पीड़ितों ने बताया है कि बाढ़ राहत की बात तो दूर अभी तक लेखपाल भी गावों में नहीं पहुंचे हैं। शासन प्रशासन की उदासीनता को देखते हुए बाढ़ पीड़ितों में जबर्दस्त नाराजगी व बेचैनी पाई जा रही है। पीड़ितों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
