वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर जनपद की शुगर फैक्ट्रियों और निजी औद्योगिक इकाइयों में विशेष ‘श्रमिक आरोग्य मेलों’ का भव्य आयोजन किया गया। इन मेलों के माध्यम से शासन की मंशा के अनुरूप श्रमिकों को उनके कार्यस्थल पर ही विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संतोष गुप्ता ने 1 मई से 11 मई तक चले इस अभियान के बारे में बताया कि जनपद के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में कुल 11 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन 1 मई, 5 मई, 7 मई और 8 मई को किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में श्रमिकों एवं उनके परिवारों ने भाग लिया।
1 मई को विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर कुंभी शुगर मिल में सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता, सहायक श्रम आयुक्त एवं मिल प्रबंधन की उपस्थिति में गोला विधायक अमन गिरी तथा जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह द्वारा स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ किया गया।
डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि इन विशेष शिविरों के माध्यम से कुल 2706 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं, जिनमें 2166 पुरुष, 406 महिलाएं और 134 बच्चे शामिल रहे। इस अभियान के अंतर्गत श्रमिकों की व्यापक स्क्रीनिंग की गई, जिसमें गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच के दौरान 331 श्रमिकों में उच्च रक्तचाप तथा 304 श्रमिकों में मधुमेह (डायबिटीज) के लक्षण पाए गए, जिन्हें तत्काल परामर्श एवं आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य मेलों में 563 लोगों की नेत्र जांच, 314 लोगों का त्वचा रोग उपचार तथा 282 संदिग्ध टीबी मरीजों की पहचान कर आवश्यक परीक्षण किए गए।
यह अभियान चार चरणों में संचालित किया गया। प्रथम चरण में 1 मई को बलरामपुर चीनी मिल यूनिट (कुंभी/पीएलके प्लांट), बजाज हिंदुस्तान लिमिटेड खंभारखेड़ा तथा विम्बा इंडस्ट्रीज खीरी में शिविर लगाए गए। इसके बाद 5 मई को बजाज हिंदुस्तान लिमिटेड पलिया एवं मूसाराम इंटरप्राइजेज में आयोजन हुआ।
7 मई को डीएससीएल अजवापुर, बजाज हिंदुस्तान गोला और सरयू सहकारी चीनी मिल बेलरायां में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। अभियान के अंतिम चरण में 8 मई को उडमैक इंडस्ट्रीज मूसेपुर, किसान सहकारी चीनी मिल सम्पूर्णानगर तथा बलरामपुर चीनी मिल गुलरिया में मेलों का आयोजन कर श्रमिकों को लाभान्वित किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु शिविर स्थल पर ही लैब जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके तहत 927 लोगों की ब्लड शुगर जांच और 940 लोगों के डिजिटल एक्स-रे किए गए। जांच रिपोर्ट में 108 शुगर केस तथा 25 एक्स-रे मामलों में विसंगतियां पाई गईं, जिन्हें आगे के उपचार हेतु रेफर किया गया।
साथ ही मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 7 गर्भवती महिलाओं की जांच तथा 53 बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया गया। शासन की कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारते हुए शिविरों के दौरान 223 आयुष्मान कार्डों का भौतिक सत्यापन एवं प्रमाणीकरण भी किया गया, जिससे भविष्य में ये श्रमिक सूचीबद्ध अस्पतालों में निःशुल्क इलाज प्राप्त कर सकेंगे।
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के इस अभिनव प्रयास की श्रमिक संगठनों एवं मिल प्रबंधन द्वारा सराहना की जा रही है।

