अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्राओं ने नीट परीक्षा रद्द होने के खिलाफ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और एनटीए (NTA ) के अध्यक्ष प्रदीप जोशी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि देशभर में लगभग 30 लाख छात्र-छात्राएं प्रतिवर्ष NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी करते हैं लेकिन प्रतिवर्ष परीक्षा रद्द हो जाने के कारण लाखों छात्रों का भविष्य अधर में अटक जाता है जो छात्रों के हितों के खिलाफ है।

एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेडिकल फील्ड की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा नीट का पेपर लीक हो गया है जिसके कारण 30 लाख से ज्यादा छात्राएं प्रभावित हुए हैं हर वर्ष पेपर लीक हो जाने के कारण छात्राएं भारी असुविधा का सामना कर रहे हैं। आज हमने इसके खिलाफ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(NTA ) के अध्यक्ष प्रदीप जोशी का पुतला दहन किया है हमारी मांग है कि नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में एक न्यायिक कमेटी बनाई जाए और मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए जिससे प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में नीट की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को न्याय मिल सके।

एनएसयूआई के भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने बताया कि नीट की परीक्षा में हर वर्ग का छात्र प्रतिभागी के रूप में शामिल होता है लेकिन अमीर लोगों के बच्चों को अच्छे नंबर से पास करवाने के उद्देश्य से शिक्षा माफिया द्वारा प्रतिवर्ष नीट का पेपर लीक करवा दिया जाता है और बाद में परीक्षा ही रद्द हो जाती है हमारी मांग है की अमीरों के अलावा जो बच्चे गरीब वर्ग से आते हैं और बड़ी मेहनत एवं लगन से नीट की साल भर तैयारी करते हैं तैयारी के बाद जब परीक्षा केंद्र पर पहुंचते हैं तो पता चलता है कि पेपर रद्द हो गया है यह छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य को खराब करता है एवं छात्र इस कारण से अवसाद में चले जाते हैं जिससे मेडिकल फील्ड में अच्छे डॉक्टर की कमी बनने की संभावना है।
प्रदर्शन के दौरान जिला उपाध्यक्ष लकी चौबे , अमित हटिया , अनिमेष गोंडली एवं भारी मात्रा में एनएसयूआई के कार्यकर्ता नेता कोचिंग सेंटर में नीट की तैयारी करने वाले प्रतिभागी एवं पुलिसकर्मी उपस्थित रहे ।

