रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

मेघनगर स्थित पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में आयोजित तृतीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति, सेवा भावना एवं हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सम्पूर्ण वातावरण “हर-हर महादेव” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।

भक्तों के उत्साह, आस्था और शिवभक्ति ने पूरे महोत्सव को दिव्य एवं अलौकिक स्वरूप प्रदान किया।
मंदिर के पुजारी कपिल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि महोत्सव की शुरुआत प्रातःकाल भगवान पशुपतिनाथ महादेव के विशेष अभिषेक एवं वैदिक हवन-पूजन से हुई। प्रातः से ही मंदिर परिसर में हवन प्रारंभ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ सहभागिता निभाई।

हवन के यजमान के रूप में उपांशु प्रजापति, दीपेश प्रजापति एवं कमलेश मचार सहपत्नी उपस्थित रहे।
वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य भगवान भोलेनाथ का फलों के रस, दुग्ध, पंचामृत एवं पवित्र जल से अभिषेक किया गया। इसके पश्चात भगवान का मनमोहक एवं आकर्षक श्रृंगार किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
दोपहर 12 बजे महाआरती का आयोजन अत्यंत श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ। आरती के दौरान मंदिर परिसर घंटों, शंखध्वनि एवं “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
महाआरती के लाभार्थी मध्य प्रदेश के लोकप्रिय समाजसेवी सुरेशचंद्र जैन “पप्पू भैया”, भूपेश भानपुरिया एवं वेदप्रकाश बसेर रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान महादेव के दर्शन कर परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं कल्याण की मंगलकामना की।
महाआरती के पश्चात विशाल महाप्रसादी भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। भंडारा देर शाम तक निरंतर चलता रहा।
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु मंदिर समिति द्वारा सुव्यवस्थित एवं अनुशासित व्यवस्थाएं की गईं, जिसकी सभी ने सराहना की।
इस दौरान रोटरी क्लब अपना द्वारा सेवा कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को उच्च गुणवत्ता वाले बिस्कुट वितरित किए गए। संस्था के इस सेवा भाव एवं सामाजिक समर्पण की श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं सफल बनाने में मंदिर समिति के सदस्यों राजेश रिंकू जैन, पप्पू कोली, अरविंद पासवान, प्रताप नायक, जयप्रकाश पांचाल सहित सभी कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा।
महोत्सव के सफल आयोजन पर मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह, आनंद एवं संतोष का वातावरण देखा गया। सम्पूर्ण आयोजन ने श्रद्धा, सेवा, सामाजिक समरसता एवं सनातन संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था को और अधिक सुदृढ़ किया।

