मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

मैहर कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने शनिवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभागार में जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान राजस्व अधिकारियों को सीमांकन, बटवारा, नामांतरण, सीएम किसान प्रगति, ई-केवाईसी आदि से संबंधित लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इस मौके पर अपर कलेक्टर सुश्री संजना जैन, एसडीएम मैहर श्रीमती दिव्या पटेल, एसडीएम अमरपाटन डॉ. आरती सिंह, एसडीएम रामनगर श्री शिवप्रकाश मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर सुश्री आशिमा पटेल, तहसीलदार जितेंद्र पटेल, आर.डी. साकेत सहित अन्य तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी लंबित सीमांकन प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से करें। उन्होंने कहा कि सीमांकन के लिए यह समय सर्वथा उपयुक्त है, क्योंकि फसल कटने के बाद खेत खाली पड़े हुए हैं। बारिश के पूर्व अब तक के सभी लंबित सीमांकन प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज सभी राजस्व प्रकरणों की राजस्व कोर्टवार समीक्षा की। इनमें नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शे में तरमीम, समग्र ई-केवाईसी, समग्र से खसरे की लिंकिंग, पीएम किसान, फार्मर रजिस्ट्री आदि से संबंधित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई।
गत वर्ष राजस्व वसूली 98 प्रतिशत पाए जाने पर कलेक्टर ने कहा कि डायवर्सन एवं भूराजस्व सहित सभी मदों में लक्ष्य के अनुसार वसूली की जाए। उन्होंने कहा कि सीमांकन, बंटवारा और राजस्व वसूली जैसे कार्य राजस्व अधिकारियों के मूल कार्य हैं।
गेहूं उपार्जन केंद्रों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी अपने क्षेत्र के उपार्जन केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण करें और उपलब्ध सुविधाएं सुनिश्चित कराएं।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग के सभी 1581 लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए। राजस्व विभाग की शिकायतें कलेक्टर स्तर तक नहीं आनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि अनावश्यक रूप से प्रकरणों को फोर्स क्लोज के लिए न भेजा जाए तथा 15 जून तक आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने पटवारियों की बैठक में जीर्ण-शीर्ण भवनों, खतरनाक उद्योगों तथा बिना निर्धारित मानकों (नॉर्म्स) के चलने वाली फैक्ट्रियों की वैध एनओसी की जानकारी लेने और आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बन रहे अमृत सरोवर एवं बड़ी जल संरचनाओं को खसरे में दर्ज किया जाए। साथ ही मैहर क्षेत्र के सभी तालाबों का परीक्षण कर साइन बोर्ड लगाए जाएं तथा तालाबों में सावधानी बरतने के लिए स्थानीय लोगों को एडवाइजरी जारी की जाए।
कलेक्टर ने संकल्प से समाधान अभियान के तहत प्राप्त आवेदनों में से जो प्रकरण निरस्त किए गए हैं, उनकी जानकारी कारण सहित संबंधित आवेदकों को देने के निर्देश दिए। इसी प्रकार इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए दानदाताओं को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए।

