बाबासाहेब आंबेडकर जयंती पर आइसा का ‘समता अधिकार मार्च’, जातीय भेदभाव खत्म करने की उठी मांग | New India Times

अंकित तिवारी, ब्यूरो चीफ, प्रयागराज (यूपी), NIT:

बाबासाहेब आंबेडकर जयंती पर आइसा का ‘समता अधिकार मार्च’, जातीय भेदभाव खत्म करने की उठी मांग | New India Times

डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आइसा (AISA) द्वारा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ‘समता अधिकार मार्च’ निकाला गया। यह मार्च छात्रसंघ भवन से शुरू होकर विधि संकाय स्थित अंबेडकर प्रतिमा तक पहुंचा, जहां सभा का आयोजन किया गया।
मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर प्रतिमा को बंद रखने पर नाराजगी जताते हुए इसे “पिंजरे में कैद” करने की निंदा की और प्रतिमा को तत्काल खोलने व उचित रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की। 14 अप्रैल को प्रतिमा पर ताला लगाए जाने को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा पर भी सवाल उठाए गए। कार्यक्रम के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी पर भी आपत्ति जताई गई।
मार्च के काफी देर बाद सुरक्षाकर्मियों द्वारा ताला खोले जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
सभा को संबोधित करते हुए आइसा इलाहाबाद की अध्यक्ष कॉमरेड सोनाली ने कहा कि वर्तमान सरकार संविधान और अंबेडकर के विचारों पर लगातार हमला कर रही है। उन्होंने यूजीसी रेगुलेशन 2026 को ‘रोहित एक्ट’ की तर्ज पर लागू करने की मांग करते हुए ट्रांस एक्ट 2026 का विरोध जताया।
आइसा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष कॉमरेड मनीष ने कहा कि जिस तरह बाबासाहेब ने मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, उसी तरह आज भी देशभर में मजदूर अपने हकों के लिए लड़ रहे हैं, जिनके साथ संगठन खड़ा है।
छात्रों ने शिक्षा में बढ़ती फीस, सामाजिक असमानता और वंचित वर्गों पर बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताई। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में संविधान और समतामूलक समाज की रक्षा के लिए अंबेडकर के विचारों को अपनाना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में आइसा पदाधिकारियों ने जातिगत भेदभाव के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और शैक्षणिक संस्थानों में लैंगिक न्याय के लिए GSCASH लागू करने की मांग उठाई।
इस दौरान निखिल, भानु, सीमा, कुनाल, प्रदीप, साक्षी, अयाज, किशन, विपुल, बंदना, अबुकैश, रवि, शोभित, आतिफ और हिमांशु सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article