विवेक जैन, बागपत (यूपी), NIT:

गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और सड़कों पर चलते लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए कोल्ड ड्रिंक की तुलना में गन्ने के जूस को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। अधिकांश गन्ना विक्रेता काफी देर तक रखे जूस को भी मुनाफा कमाने के चक्कर में ग्राहकों को दे देते हैं, जिससे स्वास्थ्य को काफी नुकसान होता है।
काफी देर तक रखे गन्ने के जूस में हानिकारक बैक्टीरिया विकसित हो जाते हैं, जो फूड पॉयजनिंग का कारण बनते हैं। इससे पाचन तंत्र सहित शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचता है। जबकि ताजा गन्ने का जूस स्वास्थ्य के लिए एक वरदान माना जाता है।
ताजा गन्ने का जूस गर्मियों में शरीर को ठंडक और तुरंत ऊर्जा देने वाला एक बेहतरीन प्राकृतिक पेय है। यह लीवर की सफाई करने में सहायक माना जाता है और पीलिया जैसी बीमारियों से बचाव में भी उपयोगी है। इसके अलावा ताजा जूस पाचन को बेहतर बनाता है, पेशाब से जुड़ी समस्याओं में मददगार है और हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होता है।
शुद्ध गन्ने के जूस विक्रेताओं में जनपद बागपत के सांकरौद गांव के निवासी गोविंदा ने अपनी अलग पहचान बनाई है। गोविंदा मवीकला-खेकड़ा मुख्य मार्ग पर, खेकड़ा स्टेडियम की ओर जाने वाली सड़क से पहले गन्ने के जूस का व्यवसाय करते हैं और उनके ताजे व शुद्ध गन्ने के जूस के लोग कायल हैं।
गोविंदा का कहना है कि 10 मिनट से अधिक समय तक रखा हुआ गन्ने का जूस बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए गन्ने का जूस हमेशा ताजा ही पीना चाहिए और बाजार की कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनानी चाहिए।
महामहिम राष्ट्रपति एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित इंटरनेशनल अवार्डी विपुल जैन सहित अनेक जानी-मानी हस्तियां भी गोविंदा के अच्छे व्यवहार, सादगी और ईमानदारी की सराहना कर चुकी हैं।

