अशफ़ाक़ क़ायमखानी, सीकर/जयपुर (राजस्थान), NIT:

राजस्थान में भरतपुर जिला कलेक्टर के रूप में कमरुल जमन चौधरी के साथ मुहम्मद जुनैद पी.पी. (सलम्बूर) भी जिला कलेक्टर पद पर नियुक्त किए गए हैं। रियासतों के विलय के बाद राजस्थान प्रदेश बनने के समय विभिन्न रियासतों से इस कैडर में अलाउद्दीन खिलजी और रहमत अली जाफरी सहित छह मुस्लिम अधिकारी आए, जो विभिन्न जिलों में जिला कलेक्टर रहे।
इसके बाद कुछ अधिकारी संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से सीधे चयनित हुए, जबकि कुछ राजस्थान प्रशासनिक सेवा से पदोन्नति पाकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पहुंचे। इनमें से अधिकांश ने जिला कलेक्टर के रूप में प्रदेश की सेवा की है। इन्हीं में UPSC से सीधे चयनित होकर राजस्थान कैडर में आए सलाउद्दीन अहमद खान राज्य के मुख्य सचिव बनकर सेवानिवृत्त हुए।
राजस्थान में UPSC से सीधे चयनित होकर IAS बनने वाले मुस्लिम अधिकारियों में उत्तर प्रदेश से सलाउद्दीन अहमद खान, जम्मू-कश्मीर से कमरुल जमन चौधरी और अतहर आमिर, तथा केरल से मुहम्मद जुनैद पी.पी. शामिल हैं। इसके अतिरिक्त राजस्थान प्रशासनिक सेवा से पदोन्नति पाकर IAS बने इकबाल खान और शाहीन खान भी वर्तमान में पदस्थ हैं।
इनके अलावा जे.एम. खान, एम.एस. खान, ए.आर. खान, अशफाक हुसैन, मोहम्मद हनीफ, शफी मोहम्मद, जाकिर हुसैन और यू.डी. खान भी राजस्थान कैडर में IAS अधिकारी रहे हैं और विभिन्न जिलों में कलेक्टर पद पर कार्य कर चुके हैं।
खास बात यह है कि कमरुल जमन चौधरी दौसा और सीकर के बाद अब भरतपुर में जिला कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो UPSC से सीधे चयनित होकर या राजस्थान प्रशासनिक सेवा से पदोन्नति पाकर IAS बनने वाले मुस्लिम अधिकारियों की संख्या बहुत कम है। यदि यह संख्या बढ़े और चयन की गति तेज हो, तो प्रदेश और देश की सेवा के अधिक अवसर मिल सकते हैं। इससे समाज में प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के प्रति जागरूकता और माहौल भी बेहतर बनेगा।

