इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती के अवसर पर दमोह नगर में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। शहर के मुख्य मार्गों से निकली विशाल एकता रैली में हज़ारों नागरिकों के साथ जनप्रतिनिधि, मंत्री एवं सांसद शामिल हुए। रैली के मार्ग पर जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।

प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री लखन पटेल ने सरदार पटेल पार्क, सागर नाका में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में कहा कि “सरदार पटेल का जीवन देश की एकता, अखंडता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।” उन्होंने आयोजन समिति एवं जिले की टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी मेहनत से यह भव्य आयोजन संभव हो पाया है।

राज्यमंत्री श्री पटेल ने बताया कि आज एकादशी है, जिसे सनातन धर्म में देवउठनी ग्यारस कहा जाता है। इस दिन देवता पुनः जागृत होते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों को इस पावन अवसर की शुभकामनाएं दीं और रक्तदान एवं अंगदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अत्यंत पुण्य का कार्य है, जिससे अनेक लोगों को नया जीवन मिल सकता है।

उन्होंने जानकारी दी कि डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया जी ने अपनी देहदान की घोषणा की है, जिसकी देह मेडिकल कॉलेज में अध्ययन हेतु दी जाएगी। साथ ही बताया कि सरकार भी अंगदान के लिए जनजागरूकता अभियान चला रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ सकें।
कार्यक्रम के दौरान 151 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा गया था, जिसे स्वयंसेवकों और नागरिकों ने पूर्ण किया। श्री पटेल ने कहा, “रक्त का निर्माण नहीं किया जा सकता, यह केवल दान से ही संभव है।” उन्होंने सरदार पटेल जी के चरणों में नमन करते हुए सभी से एकता और भाईचारे से रहने का आह्वान किया।
प्रदेश के सांस्कृतिक मंत्री धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि “सरदार पटेल जी ने 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया। उनकी दृढ़ता, निष्ठा और राष्ट्रभक्ति हमें सशक्त भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करती है।”
सांसद राहुल सिंह लोधी ने अपने संबोधन में कहा कि “यदि हम सरदार वल्लभभाई पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि देना चाहते हैं, तो हमें स्वदेशी के नारे को आगे बढ़ाना होगा और अखंड भारत की भावना को साकार करने का संकल्प लेना होगा।”

