अहमद रज़ा खान, चुनार/मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

मानसून की पहली बारिश ने जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं चुनार-जमुई रेलवे अंडरपास क्षेत्र के निवासियों के लिए यह आफत बनकर सामने आई। हल्की बारिश में ही अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और ड्रेनेज व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अंडरपास में घुटनों तक पानी भर जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन लगभग ठप हो गया है। मजबूरी में लोग जान जोखिम में डालकर पानी भरे रास्ते से गुजरने को विवश हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी के भीतर छिपे गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिसमें कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं।
क्षेत्रीय नागरिकों में इस समस्या को लेकर भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो जनप्रतिनिधियों ने ध्यान दिया और न ही प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया।
एक स्थानीय निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा, “हम नियमित रूप से टैक्स भरते हैं, लेकिन बदले में हमें ऐसी बदहाल व्यवस्था मिल रही है। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?”
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या को लेकर कब तक जागता है और आम जनता को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

