“अपने दिल की किसी हसरत का पता देते हैं, मेरे बारे में जो लोग अफवाह उड़ा देते हैं, जब पड़ा वक़्त गूलिस्तां पे तो ख़ूं हमने दिया, जब बहार आई तो कहते हैं, तेरा काम नहीं” : सैय्यद शहनशाह हैदर
Edited by Arshad Aabdi; झांसी (यूपी), NIT; यह पोस्ट लिखने और फोटोज़ डालने का मक़सद छद्म राष्ट्रवादियों और जश्ने आज़ादी…
