धरने के तीसरे दिन नपा अध्यक्ष सहित महिलाओं ने संभाला मोर्चा, प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में बढ़ा जनआक्रोश | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

धरने के तीसरे दिन नपा अध्यक्ष सहित महिलाओं ने संभाला मोर्चा, प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में बढ़ा जनआक्रोश | New India Times

देवरी नगर के झुनकू वार्ड में जन सहयोग से चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों को रोके जाने का मामला अब तूल पकड़ रहा है। भाजपा मंडल अध्यक्ष की शिकायत पर बिना जांच प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में धरना प्रदर्शन जारी है। धरने के तीसरे दिन देवरी नगरपालिका अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन लगभग एक सैकड़ा महिलाओं के साथ धरने पर बैठीं और मुख्यमंत्री महोदय से मामले में कार्रवाई की मांग की।

विदित हो कि विगत 4 अप्रैल को स्थानीय प्रशासन द्वारा देवरी नगर के झुनकू वार्ड मुक्तिधाम में जनसहयोग से निर्मित हो रहे अस्थि संचय कक्ष, लकड़ी भंडार गृह, गार्ड रूम सहित भगवान आदियोगी स्मारक के फाउंडेशन को अतिक्रमण बताकर जेसीबी से तोड़ दिया गया था। प्रशासन द्वारा कार्रवाई के बाद श्मशान प्रयोजन की भूमि पर बिना अनुमति निर्माण को लेकर जनभागीदारी से सौंदर्यीकरण कार्य कर रही समिति को नोटिस जारी किया गया था।

प्रशासन द्वारा बिना जांच की गई इस अप्रत्याशित कार्रवाई के विरोध में नागरिक आंदोलित हैं। मामले को लेकर पूर्व में मौन जुलूस निकालकर मुख्यमंत्री के नाम चार सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा गया था। अब मामले में अपनी मांगों के समर्थन में मुक्तिधाम जनभागीदारी समिति एवं नागरिकों ने स्थानीय नगरपालिका चौराहे पर धरना आरंभ कर दिया है।

धरने के तीसरे दिन नगरपालिका अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन ने लगभग एक सैकड़ा महिलाओं के साथ धरना दिया और मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय मोहन यादव से हस्तक्षेप की मांग की।

धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजेश मोहन चौधरी ने कहा कि किसी भी समाज में जन सहभागिता उस समाज की जागरूकता का प्रतिबिंब होती है। देवरी नगर और क्षेत्र का इतिहास सामाजिक चेतना और देश के लिए बलिदान से भरा हुआ है। आजादी की लड़ाई से लेकर आज तक देवरी नगर ने सदा आदर्श प्रस्तुत किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं और जनकल्याण के सभी कार्यक्रम जनभागीदारी पर आधारित हैं। जनसहयोग के बिना उनकी सफलता संभव नहीं है। शासकीय योजनाओं के साथ-साथ आपदा के क्षणों में भी जनता ही सरकार को सहारा देती है। कोरोना के संकट में भी समाजसेवियों और आमजन ने जो जनसहभागिता की, उसे भुलाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि प्रशासन स्वयं जनभागीदारी के सकारात्मक संदेश को धूमिल करने का प्रयास कर रहा है। सामुदायिक हित से जुड़े ऐसे मामलों में गंदी राजनीति तत्काल बंद होनी चाहिए।

कार्यक्रम में नरेश सौधिया, संजय वर्मा, सुदामा कनकने, वीरेन्द्र जिजौतिया, जगत ठाकुर, संजय घोरपड़े, नर्मदा वाल्मीकी, कश्यप बौहरे, जिनेन्द्र कोष्टी, ज्ञानी कोष्टी, राजेश चौरसिया, किशन लखेरा, अखलेश नामदेव, आलोक नामदेव, राजा गुप्ता, सुनील विश्वकर्मा, प्रेमचंद कोष्टी, प्रेमलाल कोष्टी, बबलू पाल, अलकेश जैन, शिवा नामदेव, वैभव खत्री, बाबा चौरसिया सहित लगभग 150 लोग धरने पर बैठे और मामले में शासन से हस्तक्षेप की मांग की।

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