रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

संत अर्नाल्ड चर्च, मेघनगर में कैथोलिक समुदाय द्वारा खजूर रविवार का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुरोहितों एवं समाजजन ने खजूर की डालियों के साथ जुलूस निकाला। यह जुलूस बिशप हाउस से प्रारंभ होकर जीवन ज्योति होते हुए संत अर्नाल्ड चर्च पहुंचा।

वहाँ महापूजन विधि संपन्न हुई, जिसमें मुख्य याजक झाबुआ डायोसिस के विकार जनरल फादर थॉमस पी. ए. ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिस प्रकार महायाजकों और फरीसियों ने अपने स्वार्थ के लिए निर्दोष प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया, वे सभी हमारे जैसे ही मनुष्य थे। वे पहले यीशु का गुणगान करते थे, लेकिन बाद में दूसरों के बहकावे में आकर उन्हें सूली पर चढ़ा दिया।

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में भी हम कभी अपने साथियों की प्रशंसा करते हैं और कभी स्वार्थवश उन पर दोषारोपण करते हैं। यह मानव प्रवृत्ति है। मनुष्य में सकारात्मकता और नकारात्मकता दोनों होती हैं, और जिस ओर उसका झुकाव अधिक होता है, वही प्रवृत्ति प्रबल हो जाती है। इसलिए हमें अपने स्वभाव को सदैव सकारात्मक रखते हुए आध्यात्मिकता में लगे रहना चाहिए।

खजूर रविवार के इस पावन अवसर पर आयोजित पूजन विधि में पल्ली पुरोहित फादर जोमोन जेम्स, फादर एंड्रयूज लोबो, फादर कजेतन डिमेलो, फादर वर्गीस, फादर लॉरेंस, समस्त सिस्टर्स एवं समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर भक्ति भाव से पर्व मनाया।

