नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

80 , 100 , 120 उल्टा क्रम लगाने पर डिवाइडर से लगकर 120 , 100 आखिरी 80 के स्पीड से स्व बालासाहब ठाकरे समृद्धि महामार्ग पर दौड़ने वाले वाहनों में सवार हज़ारों जिंदगियों की सुरक्षा पूरी तरह से सड़क की सेहत पर निर्भर करती है। समृद्धि महामार्ग पर बारिश होने के बाद 80 वाली तीसरी लेन कुछ मिनटों में तालाब में बदल जाती है।

इस लेन पर चलने वाले भारी भरकम वाहन सामने ठहरे पानी को चीरकर चलते है तब कांच धुंधला पड़ता है जिसके कारण ट्रक-बड़े बड़े कंटेनर्स बैरिकेट तोड़कर पलटने का खतरा बढ़ जाता है। तीनों लेन पर चलने के लिए स्पीड निर्धारित किया गया है। बावजूद तेज कारे 120 के बजाय 160 पार कर ओवरटेक के चक्कर में 100 की लेन में घुसकर जानलेवा स्टंट दिखाते हैं। समृद्धि पर प्रवेश के पहले टोल प्लाजा पर तैनात पुलिस की ओर से ड्राइवर्स की ड्रंक एंड ड्राइव की कोई जांच नहीं की जाती।
महामार्ग के दोनों तरफ मार्ग पर जमा होने वाले बारिश के पानी की निकासी के लिए बनाई नालीयो का डिजाइन फेल हो चुका है। शीघ्र गती मार्ग का कांक्रीट गाड़ियों को फुटबॉल की तरह उछालता रहता है। इस हाई वे पर ड्राइवर्स द्वारा सम्मोहन की बहुत शिकायतें हैं जिसपर PWD की ओर से कोई वैज्ञानिक समाधान नहीं दिया गया है। समृद्धि शीघ्र गती मार्ग एक ऐसा तिलिस्म है जो सरकार को रुपए से नवाजता है और जनता को उसके नसीब पर छोड़ देता है।
इसी प्रकार से जलगांव के जामनेर को बायपास करता NH 753 L का Y Point डिजाइन मिल्ट्री टैंक और प्रस्तावित पुतले के कारण आलोचना का विषय बना है। महाराष्ट्र के पथ परिवहन पर नितिन गडकरी का कोई ध्यान नही है , ना हि देवेंद्र फडणवीस गडकरी को तवज्जो देती है।

