रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

पेटलावद स्थित श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव ट्रस्ट मंडल, मेवानगर के तत्वावधान में मंगलवार को पूर्णिमा महोत्सव अपार श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर क्षेत्र सहित दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने दरबार में हाजिरी लगाई। अलसुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया, जो देर शाम तक अनवरत जारी रहा।
महाआरती में उमड़ा जनसैलाब
प्रति माह की पूर्णिमा की भांति इस बार भी श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव के परम उपासक सुमित पीपाड़ा की आज्ञा अनुसार 3 मार्च को विशेष आयोजन किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल भगवान श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ, श्री नाकोड़ा भैरव देव, श्री नाकोड़ा काला भैरव देव एवं श्री अच्छुपता देवी जी की भव्य महाआरती के साथ हुआ।
मन्नतधारियों ने चढ़ाया चढ़ावा
श्रद्धालुओं में आरती का लाभ लेने को लेकर भारी उत्साह देखा गया। लाभार्थियों ने बढ़-चढ़कर बोलियां लगाईं और आरती का पुण्य लाभ अर्जित किया। कई मन्नतधारियों ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर दरबार में मनोरम पुष्पमालाएं, 56 प्रकार के नैवेद्य (छप्पन भोग), लड्डू व विशेष प्रसाद, चांदी के छत्र, डमरू और त्रिशूल अर्पित किए।
आयोजन में स्वामिवात्सल्य का लाभ शैलेष चौहान (पेटलावद) तथा हिमांशु-राजेश वारेचा (लिमड़ी) ने लिया, वहीं दरबार की साज-सज्जा का लाभ ललित पटवा (पेटलावद) ने प्राप्त किया।
ट्रस्ट व पेटलावद कार्यकारिणी ने संभाली व्यवस्थाएं
पूरे आयोजन के दौरान ट्रस्ट एवं पेटलावद कार्यकारिणी द्वारा पुख्ता व्यवस्थाएं की गईं, जिससे दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आरती के चढ़ावे ट्रस्टी मनीष कुमट (झकनावदा) द्वारा बोले गए।
इस अवसर पर ट्रस्ट के ट्रस्टी जयेश मोदी, सौरभ खेमेसरा (मेघनगर), ट्रस्टी पदम मेहता (पेटलावद) सहित पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे। महोत्सव के अंत में सभी भक्तों के लिए स्वामिवात्सल्य का आयोजन किया गया।
इस भव्य आयोजन में महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
